विविध

Sahity

कविता

सबके घरों में रोशनी एक सी आती नहीं अबसूरज बड़ी इमारतों में अटक गया है कहींपेड़,पक्षी,नदी,नाले हैं ...

कुछ प्यासी चिड़िया भी यहाँ आती हैंअपनी छतों पे कुछ पानी भी भरके रखिएये बच्चे खिलौनों से कब तक खेल...