चुनावी चौपाल- याद आने लगे अपने व बिछड़े यार

राजेश कुमार मेहता डोमंचाच: चुनाव का मौसम भी गजब है यार। कल तक एक दूसरे को देखना पसंद नहीं करते थे। परंतु चुनाव के इस मौसम में अपनों को याद करना ही पड़ रहा है। यहां तक कि उनकी खोज खबर व मान मनोबल को लेकर पैरवी भी शुरू हो गई है। क्योंकि चुनाव में एक-एक मत की कीमत जो है। इस प्रकार की वाकया प्रखंड के विभिन्न चौक चौराहों पर देखने को मिल रहा है। प्रत्याशीयों द्वारा बुजुर्गों को पैर छूकर आशीर्वाद लेने की होड़ मची हुई है। जबकि बगैर जान पहचान के ही उनके मुख से काहो फलन क्या हाल-चाल है। अबकी बार जरूर ध्यान देना भाई कहने से नहीं थकते। जबकि कल तक वैसे लोगों की पूछ भी नहीं थी। आज अचानक विभिन्न दल के कार्यकर्ता उन्हें चाय पिलाने, नाश्ता कराने के साथ-साथ अन्य समस्या पर साथ निभाने का वादा करते दिख रहे हैं। बहराल वैसे लोग  भी मौके का लाभ उठाने से नहीं चूक रहे। कई कार्यकर्ता दिन में किसी के साथ, रात में किसी और के साथ दिखाई दे रहे हैं। वैसे में विभिन्न दलों के नेताओं को भितरघात होने का भी भय सता रहा है।