बड़ा सवाल : चाईबासा पर बीजेपी आग बबूला, सोनभद्र पर खून क्यों नहीं खौला ?

Source Ranchi Live :-झारखंड के चाईबासा के बुरुगुलीकेरा गांव में आपसी रंजिश में हुए नरसंहार को लेकर बीजेपी ने आज खूब सियासत की। गुदड़ी प्रखंड में धारा 144 लागू होने के बावजूद भाजपा के दुसरे राज्यों से 'इम्पोर्ट' किये गए नेता बुरुगुलीकेरा गांव जाने को लेकर अड़ गए। इन बीजेपी नेताओ ने पूरे दिन प्रशासन के नांक में दम कर दिया। हेमंत सरकार द्वारा बुरुगुलीकेरा गांव में हुए नरसंहार की एसआईटी जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद बीजेपी मामले में राजनीति करने का कोई मौका छोड़ना नहीं चाहती थी। यही वजह थी की प्रशासन ने जब बीजेपी नेताओ को कहा की वे 26 जनवरी के बाद बीजेपी नेताओ के प्रतिनिधिमंडल को घटनास्थल तक लेकर जायेंगे। तब भी भाजपा नेताओ ने हंगामा जारी रखा और रास्ते पे ही धरने में बैठ गए। बीजेपी नेता खुद को आदिवासियों का हितैषी दिखाने की कोशिश में दुसरे राज्यों से जांच के लिए 'इम्पोर्ट' किये गए नेताओ को भी परेशानी में डालने पे आमादा थे। बीजेपी की दिनभर की सियासी ड्रामेबाजी के बीच जनता आज सवाल पूछ रही है-

  • बुरुगुलीकेरा गांव में हुए नरसंहार में प्राथमिक रिपॉर्ट 'आपसी रंजिश' की ओर इशारा करती है। बावजूद इसके बीजेपी के नेता पूरे दिन पत्थलगड़ी को लेकर बयानबाजी करते रहे। क्यों ?
  • बीजेपी के नेता खुद को आदिवासियों का हितैषी दिखाने की कोशिश करते दिखाई दिए। मगर पिछले ही साल जब उत्तरप्रदेश के सोनभद्र में दस आदिवासियों की निर्ममता से हत्या कर दी गयी थी, तब भाजपा ने विरोध क्यों नहीं किया ?
  •  झारखंड में रघुवर राज के दौरान खूंटी के मुरहू अड़की प्रखंड में पत्थलगड़ी आंदोलन के दौरान मारे गए आदिवासी युवको के परिजनों से मिलने आजतक क्यों नहीं गए बीजेपी के नेता ?
  •  रघुवर राज के दौरान आदिवासियों की जमीन लैंड बैंक में डाले जाने और उसके बाद सीएनटी एसपीटी आंदोलनों में मारे गए आदिवासियों से बीजेपी नेताओ को हमदर्दी क्यों नहीं थी ?
  • झारखंड के गोड्डा में अडानी समूह द्वारा जबरन आदिवासियों किसानो की जमीन छींनने और प्रशासन द्वारा बलप्रयोग करने से घायल हुए आदिवासियों से मिलने आजतक क्यों नहीं गए बीजेपी नेता ?