कांग्रेस तथा भाजपा दोनों राष्ट्रीय दलों को हराकर आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य के मतदाताओं को दोनों दलों को करारा जबाव देना चाहिए।


बेंगलूरु. राज्य के हितों की रक्षा में विफल कांग्रेस तथा भाजपा दोनों राष्ट्रीय दलों को हराकर आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य के मतदाताओं को दोनों दलों को करारा जबाव देना चाहिए। बहुजन समाज पार्टी की नेता पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने यह बात कही।


शनिवार को शहर के बाहरी क्षेत्र में प्रदेश जनता दल(ध) इकाई की ओर से आयोजित विशाल रैली में उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि राष्ट्रीय दल हमेशा राज्यों के हितों की अनदेखी करते हैं। ऐसी स्थिति में केवल क्षेत्रीय दल ही राज्यों के हितों की रक्षा कर सकेंगे। कांग्रेस तथा भाजपा दोनों दल अनुसूचित जाति, जनजाति समुदाय के सुदृढ़ीकरण में विफल रहे हैं।


जबकि इस समुदाय के उन्नयन का मामला कार्यसूचीमें शामिल होने का कई बार वादा किया गया था। दोनों दल इस वादे को भूल चुके हंै लिहाजा अजा-जजा समुदाय को इन दोनों दलों को सबक सिखाना चाहिए।


उन्होंने कहा कि आम चुनाव से पहले देश के बेरोजगार युवाओं को करोड़ों रोजगारों के सृजन का वादा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब इस वादे से मुकर कर देश के बेरोजगार युवाओं को पकौड़े बेचने की हिदायत दे रहे हैं। दलित तथा अन्य पिछडे वर्गों में बेरोजगार युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस स्थिति के लिए कांग्रेस तथा भाजपा दोनों राष्ट्रीय दल जिम्मेदार है। कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय का अभी तक केवल एक वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। आजादी के 70 वर्षों के बाद भी मुस्लिम समुदाय का पिछड़ापन दूर नहीं हुआ है। केंद्र की मोदी सरकार ने दलित समुदाय की किर्सी भी समस्या का समाधान करने में अभी तक कोई रूचि नहीं दिखाई है। जो इस सरकार की असंवेनशीलता का द्योतक है।


उन्होंने कहा कि मतदाताओं के ध्रुवीकरण के लिए भाजपा हिंदुत्व के एजेंडे तहत भावनात्मक मुद्दे उछालकर मतदाताओं को भ्रमित कर रही है। कर्नाटक की सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने भी लगातार दलित समुदाय की अनदेखी की है। राज्य में कांग्रेस इतनी मजबूत होने के बावजूद कांग्रेस ने अभी तक राज्य के किसी दलित नेता को क्यों मुख्यमंत्री नहीं बनाया है। इस सरकार ने दलितों के वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिए कोई ठोस कार्यक्रम जारी नहीं किए है।
उन्होंने कहा कि वह फिर एक बार देश में मंडल आयोग का मुद्दा उठाएगी। कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग तथा भाजपा के नेतृत्ववाली एनडीए दोनों सरकारे इस मुद्दे को भूल चुकी है। समाज के दलित तथा पिछड़े समुदाय के लोगों को सामाजिक न्याय के लिए संगठित होकर कांग्रेस तथा भाजपा के खिलाफ संघर्ष करना होगा।


राज्य में कांग्रेस तथा भाजपा के खिलाफ लहर चल रही है। लिहाजा इस बार कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी की सरकार बनना तय है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बसपा ने जद (ध) के साथ गठबंधन करने का फैसला किया है। इस गठबंधन के विस्तार के लिए इस गठबंधन में एनसीपी, वामपंथी दल तथा राज्य के किसान संगठनों को शामिल किया जाएगा।