510 Views

अटल जी एक राजकुमारी की वजह से पूरी जिंदगी रह गए कुंवारे।

साभार-

  दिल्ली।कुछ रिश्ते इतने पवित्र होते हैं कि उनको कभी कोई नाम नहीं दिया जाता। कुछ ऐसा ही एक रिश्ता था भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और एक राजकुमारी का जो लंबे समय तक अटल जी के साथ ही रहती थीं। अटल और उनके बीच क्या था, इस रिश्ते को कभी कोई नाम नहीं मिला लेकिन इतना जरूर है कि अटल के लिए वो रिश्ता बहुत खास रिश्ता था।

 खबर के मुताबिक वो 40 का दशक था। अटल बिहारी वाजपेयी युवा थे औऱ ग्वालियर में पढ़ाई कर रहे थे। उनके साथ ही एक युवती भी पढ़ती थी जिसको राजकुमारी कौल कहकर पुकारा जाता था। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर बताते हैं कि ये वो दौर था जब लड़का-लड़की का आपस में बात करना अच्छा नहीं माना जाता था। लेकिन अटल और राजकुमारी कौल की वो खूबसूरत प्रेम कहानी थी।

 खबर में वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर बताते हैं कि अटल राजकुमारी कौल से प्रेम करते थे। वो अपने प्रेम को एक अंजाम तक पहुंचाना चाहते थे। आकर्षक व्यक्तित्व के मालिक अटल ने खूबसूरत राजकुमारी को एक प्रेम पत्र लिखा था। वो पत्र उन्होंने लाइब्रेरी की एक किताब में रख दिया था। लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया। इस वजह से अटल जी पूरी तरह टूट गये थे।

अटल बिहारी के जीवन पर एक किताब लिखी गयी है। इसका नाम है अटल बिहारी वाजपेयी: ए मैन अॉफ ऑल सीजंस.. इसके लेखक और पत्रकार किंगशुक नाग ने अटल की प्रेम कहानी को बताया है। उन्होंने बताया है कि सुनीता बुद्धिराजा जो पब्लिश रिलेशन प्रोफेशनल थीं। उनके राजकुमारी कौल से अच्छे रिश्ते थे। राजकुमारी ने सुनीता को अपने और अटल के रिश्ते के बारे में बताया था।

सालों बाद जब राजकुमारी ने सुनीता को बातचीत में वो राज खोला था। उन्होंने बताया था कि अटल ने उनके लिए जो लव लेटर छोड़ा था। वो उनको मिल गया था। उसका जवाब भी राजकुमारी ने एक किताब में दिया था जो हां में था। लेकिन दुर्भाग्य से वो जवाब अटल तक पहुंच ही नहीं सका। इसी बीच उनके पिता जो बड़े सरकारी अफसर थे, उन्होंने उनकी शादीएक युवा कॉलेज टीचर ब्रिज नारायण कौल से कर दी थी।

किताब में राजकुमारी कौल के परिवार के एक करीबी ने बताया है कि वह अटल से शादी करना चाहती थीं। लेकिन जाति की वजह से उनके घर में उनका जबरदस्त विरोध किया गया। अटल बिहारी ब्राह्मण जाति के थे लेकिन कौल खुद को बहुत श्रेष्ठ मानते थे। इसी बीच परिवार ने उनकी शादी ग्वालियर में कर दी। उन दिनों 1947 में बंटवारे का दंगा चल रहा था वरना शादी दिल्ली में होनी थी।

अटल इस रिश्ते के टूटने से इतने दुखी थे कि उन्होंने कभी शादी ही नहीं की। इसके बाद अटल ने अपना जीवन संघ सेवा और राजनीति में लगा दिया। अटल राजनीति में तरक्की करते गये और सांसद बन गये। कई सालों बाद फिर राजकुमारी कौल जो मिसेज कौल बन गई थीं। उनकी मुलाकात अटल जी हुई। जब वो अपने पति के साथ दिल्ली आ गईं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज में उनके पति फिलॉस्फी के प्रोफेसर थे।

वो दौर मोरारजी देसाई की सरकार का था। अटल बिहारी वाजपेयी विदेश मंत्री बनाये गये थे। उनको लुटियंस जोन में बंगला मिला था। खबर के मुताबिक उस समय कई लोग जब अटल जी से मिलने उनके बंगले में जाते थे, तब उनको कौल परिवार उसी बंगले में दिखता था। इसका मतलब है कि अटल जी के साथ ही कौल परिवार उनके बंगले में शिफ्ट हो गया था।

 खबर के मुताबिक जब मिसेज कौल के पति की मौत हुई तब अटल जी ने बेटियों समेत पूरे परिवार को अपना लिया। हालांकि 2014 में मिसेज कौल ने भी अंतिम सांस ली। वो अंतिम सांस तक अटल के साथ ही रहीं। हालांकि अटल ने उनके साथ रिश्ते को कभी नाम नहीं दिया।