वाणी ने रायपुर में एकाउंटेबिलिटी पर कार्यशाला आयोजित किया

वाणी ने रायपुर में एकाउंटेबिलिटी पर कार्यशाला आयोजित किया

एकदिवसीय कार्यशाला में पांच राज्यों के प्रतिनिधि हुए शामिल

रायपुर(छत्तीसगढ़)। वाणी के तत्वावधान में आयोजित कर्ताशाला में पांच राज्यों के लोग रायपुर में एकत्र हुए। कार्यशाला में स्वैच्छिक संस्थाओं के लिए क्यों जरूरी है पारदर्शिता पर कई विशेषज्ञ गण ने अपने-अपने विचारों को रखा।   

रीजनल हब के प्रभारी संजय शर्मा ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए 

एकाउंटेबिलिटी के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। 

वाणी के सीइओ हर्ष जेतली ने बताया कि सभी अपने कार्यक्रमों को लेकर आगे बढ़ें। किये कार्यों को लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंचा रहे हैं। आज  

निजी सेक्टर कुछ भी कर ले उसे कोई नहीं बोलता लेकिन स्वैच्छिक सेक्टर को लेकर नेगेटिव 

बातें कर हाईलाइट कर दिया जाता है। इसलिए अपनी जवाबदेही सुनिश्चित हर हाल में करनी होगी। बंगाल से आये लीडर सुकुमार ने कहा कि स्वैच्छिक संस्थाओं को स्वयं ही अपने प्रोजेक्ट तैयार कर उसी पर कार्य करने चाहिए, फंडर के आगे झुकना नहीं चाहिए। बोर्ड मेंबर बसंत जी ने कहा कि जो काम किया जाए उसी पर फोकस किया जाए। बसंत ने कहा कि सरकार बाहर से प्रायोजित स्वैच्छिक  संस्थाओं से कार्य करा रही है जबकी लोकल संस्था के पास भौगोलिक जानकारी के साथ लोकल भाषा की भी अच्छी समझ रहती है। वरिष्ट पत्रकार संजय पाण्डेय ने कहा कि बिना जिम्मेदारी के जवाददेही सुनिश्चित नहीं हो सकती। सभी सर्वप्रथम अपने कार्यों के प्रति जिम्मेदार बने।  जवाबदेही बिना उचित जिम्मेदारी के अस्तित्व में नहीं रह सकती, दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि जहां जिम्मेदारी नहीं होगी, वहां जवाबदेही नहीं होगी. संजय पाण्डेय ने कहा कि आयकर व सोसाइटी एक्ट की जानकारी हासिल करें। अपनी रिपोर्टिंग क्षमता को विकसित करें। उसके  बाद वे सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो सकेंगे। वरिष्ट एक्टिविस्ट मुरलीधर चंद्रन ने अपने लंबे कार्य अनुभवों को शेयर किया। वाणी की निवेदिता ने प्रक्टिसेस ऑफ एकाउंटेबिलिटी पर प्रेजेंटेशन कर समझाया कि आज की परिस्थिति में यह क्यों जरूरी है। अन्तिम सत्र में तीन ग्रुप में बंट कर एक एक्शन प्लान को तैयार किया, जिसपर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। वाणी की छत्तीसगढ़ रीजनल हब की सफल कार्यशाला साबित हुई है।