पुरानी पेंशन बहाली को प्रधानमंत्री से करेंगे बात : राजनाथ सिंह

नेशनल ज्वाइंट काउंसिल आफ एक्शन प्रतिनिधि मंडल को दिया भरोसा.

पुरानी पेंशन बहाली को प्रधानमंत्री से करेंगे बात : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली , 8 फरवरी। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पुरानी पेंशन बहाली के मामले में जल्द  ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात कर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की कोशिश होगी। श्री सिंह ने यह भरोसा आज नेशनल ज्वाइंट काउंसिल आफ एक्शन के प्रतिनिधि मंडल को दिया, जिसकी अगुवाई एनसी- जेसीएम के स्टाफ साइट सेक्रेटरी शिवगोपाल मिश्रा कर रहे थे।  

पूर्व निर्धारित समय के अनुसार आज एनसी जेसीए के प्रतिनिधि मंडल के साथ सुबह लगभग 10 बजे गृहमंत्री के साथ बैठक शुरु हुई। बैठक में एआईआरएफ महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को 10 दिन पहले 28 जनवरी  को हुई बैठक की चर्चा की, और कहाकि उन्होंने रेलमंत्री जिनके पास फिलहाल वित्त मंत्रालय का भी कार्यभार है उनसे मुलाकात की है। श्री गोयल को बताया गया है कि एनपीएस को लेकर न सिर्फ रेल कर्मचारियों बल्कि सभी केंद्रीय कर्मचारियों में भारी रोष है। रेलमंत्री को पूरे हालात की जानकारी दी गई है। महामंत्री ने बताया कि फिलहाल श्री गोयल ने कहाकि है कि इस मामले में उच्चस्तर पर बात की जाएगी।

महामंत्री श्री मिश्रा ने गृहमंत्री को आज फिर बताया कि पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर देश भर में कर्मचारी आंदोलनरत हैं। राज्यकर्मचारियों के साथ ही बड़ी संख्या में शिक्षक सड़कों पर हैं। ऐसे में अब समय आ गया है कि सरकार पूरे मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और पेंशन बहाली का रास्ता साफ करने के लिए जरूरी कार्रवाई करें।  महामंत्री ने याद दिलाया कि अब सरकार के पास नीतिगत निर्णय लेने के लिए समय काफी कम है। इसलिए इसमें देरी से कर्मचारियों का गुस्सा बढता जा रहा है।  बहरहाल गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया  कि उनकी कोशिश होगी कि जल्दी ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात कर केंद्रीय कर्मचारियों की भावनाओं से उन्हें न सिर्फ अवगत कराएंगे, बल्कि कर्मचारियों की नाराजगी को दूर करने की भी कोशिश होगी। 

प्रतिनिधि मंडल ने न्यूनतम वेतन 26 हजार किए जाने के साथ ही फिटमेंट फार्मूले का मुद्दा भी उठाया। एनसी - जेसीए के चेयरमैन एम रघुवइया ने जेसीएम के स्टैडिंग कमेटी की बैठक नियमित न होने का मामला उठाया । उनका कहना था कि  भारत सरकार  और कर्मचारियों के बीच टकराव को टालने के लिए ये एक अहम फोरम है, लेकिन सालों से इसकी बैठक ही नहीं हो रही है। नेशनल काउंसिल की बैठक तो 10 साल से नहीं हुई है। ये गंभीर मामला है।  गृहमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल की सभी बातों को गौर से सुना और कहाकि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की शिकायतों को खत्म करने का पूरा प्रयास करेगी। इस प्रतिनिधि मंडल में के के एन कुट्टी, अशोक सिंह, गुमान सिंह, एल एन पाठक, आर एन पाराशर शामिल थे। 

बाद में  जेसीएम की बैठक में तय हुआ कि *21 फरवरी को दिल्ली के जंतर मंतर एक दिन का धरना दिया जाएगा* । इसमें एनसी जेसीएम के सभी घटक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। ये धरना पूरे दिन चलेगा। *इसी तरह एनपीएस को खत्म कर पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर 13 मार्च को दिल्ली और आस पास के केंद्रीय कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा देश भर में केंद्रीय कर्मचारी अपने कार्यस्थान पर काली पट्टी बांधने के साथ ही धरना प्रदर्शन करेंगे।*

बैठक में ये भी तय हुआ कि जल्दी ही एनसी जेसीए के नेता तमाम राजनीतिक दलों से मुलाकात करेंगे और उनसे कहेंगे कि वो अपने घोषणा पत्र में साफ साफ ऐलान करें कि सरकार में आने पर वो पुरानी पेंशन को बहाल करेंगे !