एक उप-स्वस्थ्थ केंद्र जहां मिल रही हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सभी सेवाऐं

एक उप-स्वस्थ्थ केंद्र जहां मिल रही हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सभी सेवाऐं 

कोरबा, 8 मार्च ,  2019

सरकारी चिकित्सालयों के बारे में सोचते हैं, तो दिमाग में सब कुछ अव्यवस्थित सा नजर आता है| डाक्टर एवं नर्सेस सीट से गायब, कोई मिला तो मिला नही तो सब राम भरोसे इस मिथक को तोड रहा है- कोरबा शहर से लगभग 50 कि. मि. दूरी पर स्थित तुमान का उप-स्वास्थ्य केंद्र । हालाँकि यह सब काम इतना आसान नहीं था । 11 वर्षों की अथक मेहनत का नतीजा है, कि  इस उप-केन्द्र में सारी सेवाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रदान की जा रही है। इस केंद्र को अलग पहचान दिलाने का पूरा श्रेय पालिया दम्पत्ति- डॉ मधु पालिया एवं डॉ पियूष पालिया को जाता है।  इन्होंने अथक प्रयासो से जरजर हो चुके उप-स्वास्थ्य केंद्र को एक नई पहचान दी,जो कि लगभग 10000 की आबादी को स्वास्थय सेवाएँ दे रहा है। जनप्रतिनिधियों, मितानिन एवं केंद्र के बीच बेहतर ताल-मेल बनाने के साथ ही आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओे को पालिया दम्पत्ति ने इस मुहिम से जोडा । सर्वप्रथम महिला एवं पुरूष के लिए बेड की अलग अलग वयवस्था की, ग्रामवासियों के साथ मिलकर जीवन-दीप समिति – हॉस्पिटल मेनेजमेंट कमिटी के कार्यो का बेहतर क्रियान्वयन करते हुए एक डेटा आपरेटर की नियुक्ति की जो कि सेवाएं लेने वाले लोगों का डेटा बेस संचालित करता है। साथ ही वेस्ट मैनेंजमेंट का सुरक्षित प्रबंधन  वैज्ञानिक ढंग से किया गया है जिसके कारण पॉल्यूशन कंट्रोल ने हाल ही में बेहतर प्रंबधन के लिए केंद्र को सर्टीफिकेट प्रदान किया।

केंद्र में भर्ती मरीजों के लिए किचन गार्डन, औषधि गार्डन की व्यवस्था भी संचालित की जा रही है और भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित “रैन बसेरा” एवं गरम भोजन की व्यवस्था केंद्र पर बखुबी की गयी है ।

यहां पर योग को भी महत्व दिया जा रहा है ताकि लोग स्वस्थ रह सके और इसके लिए वेंटिंग एरिया में मरीज एवं परिजनों के लिए म्यूजिक थैरेपी के साथ-साथ स्वास्थ्य संबधित जानकारी भी प्रदान की जाती है। 

इन सब प्रयासों के कारण शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव होने लगे है । किसी भी योजना से जुडी राशि का भुगतान चैक या डी.बी.टी के माध्यम से बिना किसी विलम्ब से हो रहा है। केन्द्र के द्वारा ग्राम स्तर पर नियमित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन एवं प्रत्येक शुक्रवार को हाई रिस्क बीमारियों की जाँच एवं टीकाकरण सम्पूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पंहुच को मजबूती प्रदान कर रहा है। 

सभी लोगों को स्वस्थ रहने हेतु प्रचार-प्रसार, ट्रायबल क्षेत्र के घर में प्रसव की परम्परा को खत्म कर नवजात शिशु को माँ का प्रथम दूध पिलाने को बढावा देने के साथ ही 24*7 सुविधा केन्द्र के रूप में विकसित होने पर क्षेत्र में अनूठी मिसाल कायम कर रहा है। 

डॉ. दम्पत्ति का कहना है: “मरीजो की संख्या की जगह हम लोग स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर अधिक जोर दे रहे है। हमारे यहां 2018-19 में 116 डिलीवरी के केस आए जिसमें  शत-प्रतिशत जीवित है। ”

श्री इमरान खान, उप-सरपंच तुमान ग्राम पंचायत ने बताया कि “इस अस्पताल की तरफ पहले कोई नहीं आता था, आसपास गंदगी एवं बरसात में पानी भरा रहता था। उस समय झोला-छाप डॉक्टर की चांदी कटती थी। अब लोगो को यहां आने पर खुशी होती है। चारों तरफ साफ-सुथरा माहौल बना है, स्वास्थ्य सेवाओं की पंहुच में बढोतरी हुई है, घर पर डिलीवरी के मामले खत्म हुए है। ग्राम सभा में पहले चिकित्सा विभाग की शिकायतें आती थी परन्तु आज एक भी शिकायत नहीं आती  है। हमारा यह केंद्र कटघोरा अमरकंटक मार्ग पर है, आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। हमने सहयोग के लिए नवयुवकों का दल बनाया है जो दुर्घटना होने पर अस्पताल प्रबंधन में आगे बढकर मदद करता है।”

पूर्णिमा मेश्राम, केंन्द्र से जुडी मितानीन ने कहा: ``यह एक अनूठी पहल हमारे लिए भी गौरव की बात है ।  बच्चों का नियमित टीकाकरण, टी.बी जाँच, एच.आई.वी जाँच और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की लोगो तक पंहुच सुनिश्चित कर पा रहे है।’

गुलनाज, पटेलपारा आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, ने बताया` ’हम लोगों का मूल काम गर्भावस्था से शुरू हो जाता है, पौष्टिक आहार,  3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल के माध्यम से शिक्षा, टेक होम राशन का वितरण गर्भवती माताओं का टीकाकरण,  नवजात को माँ पहला, गाढ़ा, पीला दूध पिलाने के लिए प्रेरित करना आदि  कार्यो में डाक्टर दम्पति हमारी पूरी तरह मदद करते है, यहां पर समझाइश की जाती है जिसके कारण तुमान में कुपोषण कम हो रहा है । मेरी आंगनबाडी के सब बच्चें ग्रीन टैग में आते है।’