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कही मध्य प्रदेश में न हो जाए कर्नाटक और गोआ जैसा सियासी बवाल

शेख नसीमभोपाल इन दिनों देश मे कर्नाटक और गोआ में हुए सियासी धमाल की गूंज सुप्रीम कोर्ट में भी गूंज चुकी हैं दोनों राज्यो में कांग्रेस के विधायकों के इस्तीफे से कांग्रेस में हलचल मची हुई हैं कही ये सियासी हलचल मध्य प्रदेश में न हो जाए इसके लिए कांग्रेस और मुख्यमंत्री सतर्क हो गए हैं।कांग्रेस की विरोधी पार्टी भाजपा के चेहरे विधायको के इस्तीफ़े की वजह से खिले हुए हैं वही दूसरी तरफ कांग्रेस अपने विधायको की निगरानी में लग गई हैं।पार्टी सूत्रों से पता चला हैं की मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने मंत्रियों को ज़िम्मेदारी दी हैं की वो कांग्रेस विधायकों के साथ ही सपा,बसपा और निर्दलीय विधायको की निगरानी करें। खबरो के मुताबिक एक मंत्री को तीन विधायको की निगरानी दी गई हैं।दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार पर हमला करते हुए कहाकि कमलनाथ सरकार पहले दिन से ही कशमकश के फेर में घिरी हुई हैं कमलनाथ को अपने विधायको पर भरोसा नही हैंभारतीय जनता पार्टी के हमलों का जवाब मुख्यमंत्री के सलाहकार नरेंद्र सलूजा ने देते हुए कहाकि की मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को कोई खतरा नही हैं भाजपा अपनी चाल में कामयाब नही हो पाएगी।दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव पर हमला बोलते हुए कहाकि खरीद,फरोख्त की आदतें तो भाजपा वालो की हैं मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार कभी भी फ्लोर टेस्ट देने को तैयार हैं