खूँटी- आकांक्षी जिला अंतर्गत सहियाओं को दिया जा रहा प्राशिक्षण

खूंटी । आकांक्षी जिला अंतर्गत वीएचएसएनडी विषय पर खूंटी एवं अड़की के सहियाओं को प्राशिक्षण देने का कार्य किया जा रहा है। पूर्व में यह प्राशिक्षण खूंटी प्रखण्ड की सहियाओं को दिया गया है। इसमें मुख्य रूप से जिले के फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स (FLW) के लिए वीएचएसएनडी के नए दिशानिर्देशों पर प्राशिक्षण देना है। यह पहल जिले के स्वास्थ्य और पोषण संकेतकों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण होगा।  सिविल सर्जन  प्रभात कुमार ने बताया कि वीएचएसएनडी (ग्रामीण स्वास्थ्य स्वच्छ्ता एवं पोषण दिवस) सभी वर्गों एवं विशेष रूप से सीमांत एवं संवेदनशील समुदायों को उपचारात्मक सेवाओं के प्रावधान के लिए एक प्लेटफार्म प्रदान करने का कार्य करती है। वीएचएसएनडी परामर्श एवं व्यवहार परिवर्तन हेतु जागरूकता उत्पन्न करने के लिए एक मंच होने के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के तहत टीकाकरण, प्रसव पूर्व देखभाल, पोषण वृद्धि निगरानी एवं प्रारंभिक शिशु विकास संबंधी सेवाएं प्रदान करने का अवसर है। इनकी गतिविधियां चार घटकों के अनुसार आयोजित की जाती है। इन सेवाओं में मुख्य रूप से प्रसव पूर्व देखभाल, सभी गर्भवती महिलाओं को पंजीकृत करना, पंजीकृत महिलाओं को एएमसी सेवा देना, एएमसी से वंचित या छूटी हुई गर्भवती महिलाओं की निगरानी करना तथा उन्हें आवश्यक सेवाएं देना है। इसके साथ ही टीकाकरण सभी योग्य बच्चों को टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार टीके लगाना, सभी छूटे हुए बच्चे जिन्हें कार्यक्रम के अनुसार टीके नहीं मिले हो उनका टीकाकरण करना 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को विटामिन ए की खुराक देना । इन गतिविधियों पर आवश्यक ध्यान पोषण में भी दिया जाता है इसमें सम्मिलित है कि 6 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों का प्रत्येक माह वजन करना तथा प्रत्येक तिमाही में उनकी लंबाई का मापन कर कम वजन वाले तथा कमजोर बच्चों को चिन्हित कर उचित प्रबंधन करना है। चिन्हित अति कुपोषित बच्चों में चिकित्सीय जटिलता वाले बच्चों का पोषण पुनर्वास केंद्र एनआरसी अथवा पीरियाडिक देखभाल के लिए संदर्भित करना, 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को पूरक पोषाहार उपलब्ध कराना शामिल है। साथ ही इसमें परिवार नियोजन के लिए भी विशेष गतिविधियां है, जिनमें सभी योग्य दंपतियों को उनके इच्छा अनुसार कंट्रा सेप्टिक गर्भनिरोधक, कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स आदि उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही एचबीबी एवं एचआईवी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से भी कई गतिविधियांँ की जाती है। इनमें मुख्य रूप से गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए स्क्रीनिंग एवं संदर्भ महत्वपूर्ण है ।   उन्होंने बताया कि एएनएम के माध्यम से अच्छी व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अस्पताल की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। सभी वर्गों एवं विशेष रूप से सीमांत एवं संवेदनशील समुदायों को उपचारात्मक सेवाओं प्रदान करने के लिए सक्रिय प्रयास किये जा रहे हैं।

प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के तहत टीकाकरण, प्रसव पूर्व देखभाल, पोषण वृद्धि निगरानी एवं प्रारंभिक शिशु विकास संबंधी सेवाएं प्रदान किये जाते है। इसके साथ ही वीएचएसएनडी इनकी गतिविधियां चार घटकों के अनुसार आयोजित की जाती है। इन सेवाओं में मुख्य रूप से प्रसव पूर्व देखभाल, सभी गर्भवती महिलाओं को पंजीकृत करना, पंजीकृत महिलाओं को एएमसी सेवा देना, एएमसी से वंचित या छूटी हुई गर्भवती महिलाओं की निगरानी करना तथा उन्हें आवश्यक सेवाएं देना है। इसके साथ ही टीकाकरण सभी योग्य बच्चों को टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार टीके लगाना, सभी छूटे हुए बच्चे जिन्हें कार्यक्रम के अनुसार टीके नहीं मिले हो उनका टीकाकरण करना 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को विटामिन ए की खुराक देना । गर्भवती महिला सरकारी अस्पताल में बच्चे को जन्म देती है, तो नवजात बच्चे को जन्म से लेकर लगातार दो वर्षों तक माहवार जीवन रक्षक टीका लगाया जाता है। इसके साथ ही अन्य टीका समय-समय पर बच्चों को दी जाती है। अस्पताल में यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। इन्ही आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में एएनएम दीदियां लगातार प्रयासरत हैं। सिविल सर्जन खूंटी द्वारा आमजनों से अपील की गई है कि इन स्वास्थ्य सहियाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को अपनाएं । उनके द्वारा लगातार जागरूकता अभियान भी निरन्तर चलाए जातें हैं। आवश्यकता है कि इन स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाओं से जुड़ कर एक बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।