अष्टमी-नवमी का रहा सुखद संयोग, टीएस सिंहदेव ने राजसी परंपरा से महामाया मंदिर में की विशेष संधि पूजा

 अंबिकापुर. शारदीय नवरात्र पर अष्टमी के सुखद संयोग रहा। इसके बावजूद भी कोरोना काल के कारण मंदिरों में भक्तों की भीड़ नहीं उमड़ी। लोग अपने-अपने घरों में ही पूजा अर्चना की। हालांकि कुछ लोग महामाया मंदिर व दुर्गा मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे पर मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया। लोग बाहर से ही पूजा अर्चना कर वापस लौटे। इधर राजसी परंपरा का निर्वहन करते हुए सरगुजा रियासत के वर्तमान महाराजा टीएस सिंहदेव सुबह महामाया मां का विशेष श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह सबसे पहले राजपुरोहित व मंदिर के महंत ने महामाया माई का श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद राजसी परंपरा का निर्वहन करते हुए सरगुजा रियासत के वर्तमान महाराज टीएस सिंहदेव  महामाया मां का विशेष श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की। वहीं समसमलाया मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद आम लोगों के दर्शन के लिए मां महामाया का पट खोल दिया गया।