बुढ़ापे का सहारा बनने की जगह निर्दयी बेटे ने मां को जिंदा जला डाला

अंबिकापुर. जिस मां ने बेटे को जन्म दिया और इस उम्मीद से उसे पाला कि एक दिन बुढ़ापे में वह सहारा बनेगा, लेकिन उसे क्या मालूम था कि वही बेटा एक दिन उसकी ही जान ले लेगा। ऐसा ही एक मामला राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम डकवा से सामने आई है। मंगलवार को एक बेटे ने शराब के नशे में खाट पर सो रही मां के शरीर पर मिट्टी तेल छिड़कर आग लगा दी और वहां से फरार हो गया। परिवार के अन्य सदस्य आग बुझाकर उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाए लेकिन यहां उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार ५० वर्षीय हलकन केरकेट्टा पति भोंगोड़ केरकेट्टा राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम डकवा की रहने वाली थी। मंगलवार की सुबह ११ बजे वह घर में अकेली थी और खाट पर सोई थी। इसी बीच छोटा बेटा छोटू शराब के नशे में घर आया और मां के साथ गाली-गलौज करते हुए विवाद करने लगा। इसी बीच उसने गुस्से में आकर घर में रखे मिट्टी तेल का डब्बा मां के शरीर पर उड़ेल दिया और माचिस से आग लगा कर वहां से फरार हो गया। आग से लिपटी महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोस के लोग पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई। फिर उन्होंने खेत में काम कर रहे बड़े बेटे निर्मल को इसकी सूचना दी। निर्मल घर पहुंच कर मां को इलाज के लिए बरियों अस्पताल ले गया। यहां चिकित्सकों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान बुधवार की मध्य रात उसकी मौत हो गई।