PALAMU- गुलाबचंद प्रसाद अग्रवाल इन्टर कॉलेज, सड़मा छत्तरपुर पलामू एक सर्टिफिकेट बनाने का फैक्ट्री बनकर रह गया है।

शिक्षा का हाल

छत्तरपुर : गुलाबचंद प्रसाद अग्रवाल इन्टर कॉलेज, सड़मा छत्तरपुर पलामू  एक सर्टिफिकेट बनाने का फैक्ट्री बनकर रह  गया है।

क्योंकि इस कॉलेज में छात्र पढ़ने नहीं जाते हैं यहां सिर्फ सर्टिफिकेट लेने जाते हैं।

शायद छत्तरपुर के लोग के साथ साथ शिक्षा विभाग से जुड़े पदाधिकारी भी इसे भूल गए हैं कि कॉलेज का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए ।

आज कॉलेज राजनीति का अखाड़ा बन कर रह गया है ।

कॉलेज के अयोग्य प्रभारी प्राचार्य अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रहें हैं ।

वर्तमान में अनुमंडल पदाधिकारी उक्त कॉलेज के सचिव हैं फिर भी किसी को न्याय नही मिल रहा है। 

जनवरी 2016 से 8 कॉलेज कर्मचारियों  को मानदेय भुगतान नही किया गया जबकि इन्होंने पूरी ईमानदारी से कॉलेज का कार्य किया और अपनी उपस्थिति भी बनाया।इन्हें सत्र 2015 -16 का अनुदान राशि भी नहीं दिया गया जबकी अनुदान प्राप्ति हेतु आवेदन पत्र में भी इनका नाम भी शामिल है।

कॉलेज में प्रभारी प्राचार्य सहित 4 शिक्षक बी एड नहीं है फिर भी इन्हें रेगुलर मानदेय एवं अनुदान राशि दिया जा रहा है।उक्त कॉलेज में 5/6 ऐसे कर्मचारी ऐसे हैं जिनका अवधि बहुत पहले ही  समाप्त हो चुका है। और कुछ ऐसे है जिनको किसी भी सक्षम पदाधिकारी द्वारा कोई  नियुक्ति पत्र प्राप्त नहीं  है फिर भी प्रभारी प्रचार्य के निजी होने के वजह से कॉलेज में नियमित कार्य कर रहें हैं। और मानदेय भी ले रहे हैं।कॉलेज में कुछ ऐसे भी कर्मचारी हैं जो रेगुलर कहीं और पढाई पूरी कर रहें हैं और यहां अपनी उपस्थिति बनाकर अपनी मानदेय व अनुदान ले रहे है ।ये सभी कारनामे प्रभारी प्रचार्य के जानकारी में हो रही है फिर भी कोई कुछ नही कर सकता ह क्योंकि छत्तरपुर में शिक्षा का दीप जलाने वाले दानदाता -  सचिव को इनलोगों ने कॉलेज से हटा दिया है।इनकी मनमानी अभी खत्म नही होती है ये अपनी मर्जी के मालिक भी है क्योंकि छात्र - छात्राएं कॉलेज में आते नहीं है इसलिए यहां के शिक्षक भी  प्रतिदिन नहीं आते है ।महीना में एक दो  दिन में आकर पूरे महीना की हाजिरी भी बनाते है।पता चला है कि यहाँ बॉयोमीट्रिक मशीन भी लगा कर रखा गया है लेकिन कोई फायदा नही।  यह सिर्फ नाम के लिये है। उक्त कॉलेज में कुल 10 शिक्षक में 5 अयोग्य फिर भी सरकार मेहरबान ।