प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन ने क्वीज प्रतियोगिता आयोजित की

                                            प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन ने क्वीज प्रतियोगिता आयोजित की

मेदिनीनगर: प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के तत्वावधान में ज्ञान भारती स्कूल के प्रांगन में अंतरविद्यालय क्वीज प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी एवं विशिष्ट अतिथि अवकाश प्राप्त प्राध्यापक प्रो. सुभाष चंद्र मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दोनों अतिथियों ने छात्राओं को प्रतियोगिता के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। इस प्रतियोगिता में 30 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस मौके पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल कुमार, रविंद्र तिवारी, कौशल किशोर दुबे एवं एसोसिएशन के कई पदाधिकारी मौजूद थे।

           संत मरियम स्कूल में ’सम्मुख’ कार्यक्रम आयोजित

                                                                        बच्चों ने पूछे विद्वानों से कई सवाल   

मेदिनीनगर: ’सम्मुख’ कार्यक्रम के तहत कल शाम संत मरियम स्कूल के बच्चों ने देश के विद्वानों के साथ संवाद किया। इस कार्यक्रम में कक्षा छह से दस तक के बच्चों ने भाग लिया और उपस्थित विद्वानों से कई सवाल पूछे। कार्यक्रम में बच्चों के सवाल का जवाब देते हुए जाधवपुर विश्वविद्यालय (कोलकाता) के प्रोफेसर नितिन चट्टोपाध्याय ने कहा कि बच्चों को ठग विद्या से हमेशा दूर रहना चाहिए। किसी भी कार्य को ईमानदारी से करना चाहिए। भ्रष्टाचार रोकने का सबसे सरल उपाय है कि खुद ईमानदार रहे।  उन्होंने बच्चों को दो फिल्में ’थ्री इडिएट्स’ और ’तारे जमीन पर’ जरूर देखने की सलाह दी। आईआईटी रूरकी के सेवानिवृत प्रोफेसर गौरी शंकर सिंह ने कहा कि ध्यान के भटकाव को रोकने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि मनवांछित विषक को पढ़ा जाय। जब एकाग्रता टूटने लगे तो तुरंत वह काम करना चाहिए जिसमें गहरी रूचि हो। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सेवानिवृत प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. आरके सिंह ने कहा कि असली भगवान माता-पिता और गुरू होते हैं। मां, बाप और गुरू के प्रति आदर ही असली ईश्वर पूजा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी के एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. कुमार विरेंद्र ने कहा कि यह धरती सांस लेने लायक बनी रहे इसके लिए आवश्यक है कि बच्चे सत्त विकास का देशज अर्थ समझंे। उन्होंने बच्चों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने की सलाह दी। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. सुमीत मंडल ने कहा कि जो बनना चाहते है उसी के लिए प्रयत्न करें। उन्होंने बच्चों से कहा कि सबसे बेहतर इंसान बनना बहुत जरूरी है। आईआईटी पटना के प्रो. ओेम प्रकाश ने कहा कि बच्चें शिक्षकों को अपना आदर्श माने। शिक्षक भी बच्चों को समय दे। जीएलए काॅलेज के गणित विभागाध्यक्ष डाॅ. रविशंकर ने कहा कि बच्चों में लक्ष्य के प्रति डेडिकेशन होना चाहिए। उतर-पूर्व अफ्रीका के इरीट्रिया इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी के प्रो. रमा शंकर ने कहा कि बचपन में सीखा गया जीवन भर काम आता है। हर क्षण महत्वपूर्ण है। इसलिए रोज नई चीजें सीखनी चाहिए। कार्यक्रम के आरंभ में स्कूल के निर्देशक सह झारखंड माटी कला बोर्ड के सदस्य अविनाश देव ने गुलदस्ता, साॅल, मिट्टी के बर्तन देकर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन एसबी शाहा ने किया। इस मौके पर बच्चों के साथ शिक्षक और स्कूल के कर्मचारी भी उपस्थित थे।