आर्थिक समस्याओं के निराकरण से मिटेगा समाज से भेदभाव: कुलपति

आर्थिक समस्याओं के निराकरण से मिटेगा समाज से भेदभाव: कुलपति

डालटनगंज, 10 दिसम्बर (थर्ड आई): सभी को समान अधिकार मिले और स्वस्थ समाज का निर्माण हो, इसी उदेश्य से मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। हमारा समाज आर्थिक असमानता से भरा पड़ा है। आर्थिक समस्या का निराकरण नहीं होगा, तब तक भेदभाव नहीं पाटा जा सकता। ऐसी व्यवस्था का निर्माण करना होगा कि दबे कुचले को भी समृद्ध बनाया जा सके। 

उक्त बातें नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एस.एन सिंह ने कही। वे सोमवार को योध सिंह नामधारी महिला महाविद्यालय में अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर जिला विधिक् सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विधिक् जागरूकता शिविर में बोल रहे थे।

उन्होने कहा कि धर्म के नाम पर भी हमारे यहां बहुत सारी कुरीतियां हैं। महिला-पुरूष दोनों समाज के अभिन्न अंग है, परन्तु अभी भी भेदभाव है। हमंे समता मूलक समाज का निर्माण करना होगा। महिला व पुरूष दोनों को साथ लेकर चलने से ही समाजिक समस्या को निराकरण हो सकता है। 

प्राधिकरण के सचिव प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि अधिकार की रक्षा संविधान करता है। अधिकारों का हनन हो तो कानून का सहारा ले। उन्होंने कहा कि अपने व्यक्तिगत अधिकार के निर्वाह के लिए हमारा कर्तव्य बन जाता है कि हम अन्य किसी व्यक्ति के अधिकार का हनन नहीं करना होगा। उन्होंने कहा कि अधिकार व्यक्ति की मांग है तो कर्तव्य समाज की मांग है।

मौके पर प्रशिक्षु न्यायिक पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि मानव अधिकार के लिए संघर्ष का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। उन्होंने कहा कि अधिकारांे की सुरक्षा के लिये यह आवश्यक है कि समाज के सभी लोग कर्तव्य पालन का सहयोगी बने। उन्होंने संविधान में वर्णित मानव अधिकार का वर्णन किया। 

न्यायिक पदाधिकारी एम.जेड तारा ने कहा कि शिक्षा के बिना हम अधिकार की बात नहीं कर सकते। कानून में मानव के लिए बहुत सारे अधिकार दिए गए हैं। परन्तु जब तक उसे पाने के लिए आप आगे नही आएंगे आपको अधिकार से वंचित रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संविधान में जो प्रावधान है उसको अधिकार के रूप में इस्तेमाल कर सकते है।

अधिवक्ता वीणा मिश्रा ने कहा कि देश में मजबूत न्यायपालिका, कार्यपालिका हैं। उन्होंने कहा कि महिलायें समाज में आज भी उपेक्षित है। उनके साथ न्याय नहीं हो रहा है। अधिवक्ता संतोष कुमार पाण्डेय ने कहा कि जो शिक्षित हैं उसके पास अपने जीवन और दूसरो के जीवन को बदलने की शक्ति है। मानवाधिकार दिवस लोगो के अधिकार के सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। यह स्वयं को व दूसरे के अधिकारों के लिए खड़े होने के लिए सभी से आग्रह करता है। 

महाविद्यालय प्रवंधन द्वारा सभी अतिथियों को गुलदस्ता भंेट किया गया। साथ ही छात्राओं ने भी मानवाधिकार पर अपने अपने विचार रखें। मौके पर क्वीज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें प्रथम, द्वितीय, व तृतीय स्थान लाने वाली छात्राओं को कुलपति, सचिव विधिक् सेवा प्राधिकरण व अधिवक्ता ने पुरस्कृत किया। 

मौके पर प्रचार्य मोहिनी गुप्ता, डॉ मनोरम सिंह, डॉ सुप्रिया सोनालिका, डॉ महेंद्र यादव, डॉ छाया चटर्जी, पूनम कुमारी, दिव्या रश्मि, स्वेता सिन्हा सहित कई प्रोफेसर, कालेज की छात्राएं उपस्थित थे।