गुरुवार 20 दिसम्बर को मुंडा,मानकी एवम ग्राम प्रधान के उन्मुखीकरण हेतु जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन नए समाहरणालय भवन के ब्लॉक सी स्थित उपविकास आयुक्त के कार्यालय में हुआ।

गुरुवार 20 दिसम्बर को मुंडा,मानकी एवम ग्राम प्रधान  के उन्मुखीकरण हेतु जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन नए समाहरणालय भवन के ब्लॉक सी स्थित उपविकास आयुक्त के कार्यालय में हुआ। इस अवसर पंचायत के विकास में अहम भागीदारी निभाने वाले  12 ग्राम प्रधानों के बीच 2000-2000 रुपये  प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर समाहर्त्ता ने की। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष, बीस सुत्री उपाध्यक्ष, उपमहापौर, डी0डी0सी0, डी0डब्लू0ओ0, डारेक्टर एन0ई0पी0, डी0टी0ओ0, जिला कृषि पदाधिकारी, सतबरवा सी0ओ0, डी0पी0आर0ओ0 ने कार्यक्रम में मौजूद ग्राम प्रधानों से कहा कि ग्राम प्रधान अपने ताकत को समझें। संविधान ने इन्हें पंचायत के विकास के लिये शक्ति प्रदान किया है। जंहा भी ग्राम प्रधान हैं वंहा कोई भी विकास कार्य ग्राम सभा एवम ग्राम प्रधान के स्वीकृति का नहीं हो सकता। गाँव और पंचायत सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं इसकी बड़ी जिम्मेवारी ग्राम प्रधान पर है।  योजनाओं की स्वीकृति देने के पहले यह समझना होगा कि इस योजना की उपयोगिता क्या है एवम कितने लोग इससे लाभन्वित होंगे। पंचायत के अधिकांश जनसंख्या पर फोकस कर योजनाओं चयन कर मुखिया के पास भेजें।

                                                            ’जिन्हें मिला प्रोत्साहन राशि’

सरकार द्वारा दिया जाने वाला प्रोत्साहन राशि  प्राप्त करने वाले ग्राम प्रधान सतबरवा पंचायत के विभिन्न गाँव के हैं। जिनमे तुम्बागड़ा गाँव के यमुना उरांव,ग्राम चेतमा के टीकू उरांव, सलैया के विनोद उरांव, रबदा के केदारनाथ सिंह,ठेमी के नंदू सिंह, पिपरा कला के अमृत सिंह, रांकी खुर्द के रघुवर सिंह, ठेमा के बेचन मुंडा,बकोरिया के बिगन सिंह, कमारु के केवल उरांव,  कसियाडीह के ब्रह्मदेव सिंह एवं चरवाडीह गाँव की अनरखनी देवी शामिल हैं।