कुल कनेेक्शनधारियों में 66 प्रतिशत ने करायी सिलेंडर की रिफिलिंग

कुल कनेेक्शनधारियों में 66 प्रतिशत ने करायी सिलेंडर की रिफिलिंग 

मेदिनीनगर: भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (पीएमयूवाई) के तहत पलामू में 1,89,155 गैस कनेक्शन का वितरण किया गया है। इसमें आईओसी के 36,435  बीपीसी के 50,290 और एचपीसी के 1,02,430 कनेक्शन शामिल है। इसके साथ ही पलामू में एलपीजी कवरेज 01 अपेे्रल 2016 के 27.1 प्रतिशत से बढ़कर 74.2 प्रतिशत पर पहुंच गया है। यह जानकारी एलपीजी गैस वितरण से जुड़े संस्थानों की संचालकों ने आज पत्रकारों को दी है। बताया है कि भारत सरकार द्वारा शुरू किये गए उज्जवला योजना के तहत मार्च 2019 तक 05 करोड़ बीपीएल परिवारों की महिला सदस्य को एलपीजी कनेक्शन और मार्च 2020 तक अतिरिक्त 3 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी करने के लिए 12,800 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया था। इस योजना की औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 01 मई 2016 को उतर प्रदेश के बलिया में की थी। अगस्त 2018 के दौरान तेल कंपनी द्वारा 05 करोड़ का आकड़ा पार कर लिया गया जो कि लक्ष्य से आठ महीने आगे था। कहा कि पीएमयूआई एक ऐसी क्रांति है जिसने देश के गरीब घरों के रसोई घरों से धुआ निकालकर उन्हें खाना पकाने के लिए इंधन के रूप में एलपीजी की सुलभता प्रदान की है। संचालकांे ने बताया कि उज्जवला योजना का कवरेज बढ़ाया गया था और सात नई श्रेणियों क्रमशः एससी, एसटी घरों के अलावे पीएम आवास योजना, अंत्योदय अन्न योजना, वनपाल, अधिकांश पिछड़ा वर्ग, चाय और पूर्व के लाभार्थी टी-गार्डन ट्राईवस एवं द्वीप तथा नदी द्वीपों में रहने वाले लोगों को शामिल किया गया था। बताया गया था कि हाल के दिनों में प्रधानमंत्री के अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रीमंडलीय समिति ने देश में स्वच्छ खाना पकाने के लिए इंधन एलपीजी की सर्व सुलभ पहुंच देने के लिए गरीबों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने का नया निर्णय दिया है। बताया कि पलामू में इस योजना के तहत कनेक्शन पाने वाले 66 प्रतिशत लाभार्थियों ने कनेक्शन जारी होने के बाद एलपीजी सिलेंडर की रिफिल करायी है। गरीब परिवारों के लिए एलपीजी शहज करने के लिए तेल कंपनियों ने उज्जवला लाभार्थियों के लिए 05 केजी रिफिल विकल्प पैश किया है। संचालकों ने बताया कि इस योजना का सामाजिक व आर्थिक प्रभाव भी रहा है। एलपीजी के उपयोग से रसोई घर में घरैलू प्रदुशन कम हो रहा है। वहीं वनों को संरक्षन मिला है। मौके पर जिले के आस्था एचपी गैस एजेंसी, वैष्णवी एचपी गैस एजेंसी, श्री गणपति साई एचपी गैस एजेंसी, अमन एचपी गैस वितरक आदि के संचालक उपस्थित थे।

रांची का मशहूर आलम हाॅस्पीटल समेत शहर के कई डाॅक्टर जुटे

डालटनगंज को मिला एक और हड्डी का अस्पताल 

म्ेदिनीनगर:स्थानीय पुलिस स्टेडियम रोड स्थित सार्जेंट मेजर के आवास के समीप ‘समाचार वर्षा’ परिसर में आज एक हड्डी अस्पताल का उद्घाटन फीता काटकर शहर की जानी-मानी प्रख्यात क्रिमिनल महिला एडवोकेट श्रीमती लिली मिश्रा ने किया। इस हाॅस्पीटल के उद्घाटन के बाद अब शहर के उपलब्धियां भरे किताब में हड्डी अस्पताल का एक और नाम जुट गया। जहां एक ओर पहले यहां पर डाॅ. अरूण शुक्ला, डाॅ. विजय सिंह और डाॅ. प्रवीण सिद्धार्थ का नाम प्रमुख रूप से लिया और जाना जाता रहा है वैसे में एक और नाम डाॅ. आरिज शेख का जुट गया है। यह अस्पताल जहां एक ओर हड्डी रोग का इलाज करेगी, वहीं दूसरी ओर मूत्र संबंधी रोगों का इलाज भी स्पेशलिटी के रूप में करेगा। 12 बेडों वाली इस अस्पताल में तकनीकियुक्त आॅपरेशन थियेटर समेत जांचघर एवं दवा खाना का भी साधन उपलब्ध है। कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद आगंतुकों को संबोधित करते हुए उद्घाटनकर्ता श्रीमती लिली मिश्रा ने कहा कि जिस तरह से पलामू की आबादी बढ़ रही है, वैसे में मरीजों के डाॅक्टरों की जरूरत घटती जा रही है। ऐसे में सिटी शरनम नाम का यह हाॅस्पीटल पलामूवासियों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल  प्रबंधन को इस बात का ख्याल सर्वथा अवश्य रखना चाहिए कि पलामू के लोग गरीब है। यहां के सुविधाएं उत्तम और खर्च किफायत की जरूरत है तभी अस्पताल की सार्थकता सेवा के रूप मंे साकार हो सकती है। श्री मिश्रा ने कहा कि हर हाल में अस्पताल को व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा से दूर रहते हुए सेवा को प्राथमिकता देने की पहल करनी चाहिए, तब डाॅक्टर और मरीज दोनों ही अपने आप को संतुष्ट महसूस करने में सफल होंगे। इस मौके पर उद्घाटनकर्ता श्रीमती लिली मिश्रा के एडवोकेट पति जो खुद क्रिमिनल एडवोकेसी में पारंगत हासिल हैं, उन्होंने कहा कि डाॅक्टर को इस बात का ध्यान हमेशा बनाये रखना चाहिए कि पैसों से ज्यादा मरीजों का जीवन जरूरी है। इलाज के दौरान डाॅक्टर का या उनके टीम का किसी भी तरह का कोताही क्षम्य नहीं हो सकता है। सिटी शरणम् अस्पताल जनता के आकांक्षाओं का अस्पताल बने। मौके पर हिन्दी दैनिक ‘समाचार वर्षा’ के संपादक व अधिवक्ता संजीव नयन ने कहा कि रोगों में हड्डी रोग एक ऐसा रोग है जो हमेशा आपातकालीन परिस्थितियों के करीब रहता है। ऐसे में इस नए अस्पताल को पूरे ताकीदी के साथ बेहतर करने का प्रयास करते रहना होगा। उन्होंने कहा कि जो केस न हो सके उस केस को अविलंब रेफर करने की जरूरत स्वभाविक तौर पर डाॅक्टर को महसूस होना चाहिए। इस मौके पर रांची आलम हाॅस्पीटल के महशूर यूरोलाॅजिस्ट डाॅ. तनवीर आलम ने कहा कि पलामू में यह अस्पताल मिल का पत्थर साबित होगा। वहीं इसी आलम हाॅस्पीटल के बोन एंड ज्वाइंट रिप्लेस्मेंट विशेषज्ञ तबरेज अंजूम ने कहा कि इस नए अस्पताल को आलम हाॅस्पीटल का आशीर्वाद सदैव प्राप्त रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर आलम हाॅस्पीटल की पूरी टीम इस अस्पताल के माध्यम से पलामूवासियों को बेहतर सेवा प्रदान करेगी। न्यूरो एंड स्पाईन सर्जन डाॅ. एस. ए. जमां ने भी कहा कि पलामू में यह हाॅस्पीटल साकारात्मक दृष्टिकोण से उत्थान की पराकाष्ठा को स्पर्श करेगी। इस मौके पर शहर के प्रसिद्ध दंत चिकित्सक डाॅ. विनीत और जाने-माने फिजीशियन डाॅ. राजीव नयन समेत कई चिकित्सक उपस्थित थे। 

24 घंटे सेवा देगी सिटी शरणम् अस्पताल

सिटी शरणम् अस्पताल के संचालक डाॅ. आरिज शेख ने कहा कि पलामू का यह पहला अस्पताल है जहां पर हम 24 घंटा सेवा देने के लिए तत्पर हैं। आॅनकाॅल हमारी मेडिकल टीम मरीजों के घर तक भी पहुंचकर सेवा प्रदान कर सकती है। उन्होंने कहा कि यहां पर हड्डी और मत्राशय संबंधी रोगों का शर्तिया इलाज किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों को संतुष्ट करने की जवाबदेही मेरी है। किसी भी कीमत पर मरीजों को यहां से निराश होकर नहीं जाने दिया जायेगा।

न्यू पेंशन स्कीम के खिलाफ 01 जनवरी को काला दिवस मनायेगे रेलकर्मी

म्ेदिनीनगर: न्यू पेंशन स्कीम के खिलाफ 01 जनवरी 2019 को देश भर में रेल कर्मियों द्वारा कालादिवस मानाया जायेगा। यह जानकारी फ्रंट एगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे झारखंड प्रदेश के संयोजक संतोष तिवारी ने दी है। उन्हांेने बताया है कि न्यू पेंशन स्कीम 01 जनवरी 2004 को लागू हुआ था। इसे लेकर 01 जनवरी को ही रेल कर्मी पूरे देश में काला बिल्ला लगाकर स्कीम का प्रतिकार करते हुए सरकार से इसे खत्मकर पुरानी पेंशन स्कीम लागू किये जाने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी बात नहीं सुनती तो देशभर के रेलकर्मी वर्ष 2019 के आम चुनाव में सरकार के खिलाफ प्रतिवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि रेलवे में फ्रंट एगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे संगठन न्यू पेंशन के खिलाफ पूरे देश में एनएमओपीएस संगठन के संघर्ष के साथ है। यह आंदोलन तब तक चलेगा जब तक पुरानी पेंशन स्कीम लागू नहीं हो जाती। उन्होंने बताया कि न्यू पेंशन स्कीम के खिलाफ 13 जनवरी 2019 को रांची में और 20 जनवरी 2019 को एनएमओपीएस के साथ एफएएनपीएसआर संगठन विशाल सम्मेलन करने जा रही है। जिसमें लाखों एनपीएस कर्मी हिस्सा लेंगे। 

युवा राजद की बैठक में सरकार की आलोचना

म्ेदिनीनगर: स्थानीय पलामू क्लब में युवा राजद की बैठक हुई। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नरेश भारती एवं संचालन छतरपुर अनुमंडलीय अध्यक्ष फैजुलहक रसीद ने किया। बैठक में जन समस्याओं के साथ-साथ सरकार की असफलता एवं आगामी लोकसभा चुनाव पर मुख्य रूप से चर्चा की गई। साथ ही पंचायत स्तर पर सक्रिय सदस्य बनाये जाने पर विचार किया गया। कहा गया कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद को सीबीआई एवं इडी द्वारा झुठे केस में फंसाने की साजिश का पर्दा फास किया जायेगा। इसके लिए लालू न्याय यात्रा निकालने पर विचार किया गया। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड की सरकार की तानाशाह रवैये से प्रदेश की जनता अस्त-व्यस्त है। पारा शिक्षकों की समस्या का निदान नहीं होने से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था चैपट हो गई है। पारा शिक्षकों के हड़ताल पर रहने से कई विद्यालय बंद है। कहा गया कि  कड़ाके की ठंड के बाद भी चैक-चैराहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। गरीबों को सरकारी कंबल का वितरण नहीं किया गया है। धान बैचने वाले किसानों को समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। धान क्रय केंद्रों पर भाजपा के बिचैलियें हावि है। सरकार द्वारा झुठा आकड़ा पेशकर ठगा जा रहा है। बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं है। लाखों बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिये जाने का झुठा प्रचार किया जा रहा है। स्थानीयता के नाम पर जिले में फुट पैदा की जा रही है। कहा गया कि जन समस्याओं का समाधान और स्थानीय नीति में संशोधन नहीं किया गया तो युवा राजद आंदोलन तेज करेगा। बैठक में राजद के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष स्व. अब्दुल खालिक की माता के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर शौक व्यक्त किया गया। बैठक में युवा नेता प्रमोद यादव, सत्येंद्र प्रसाद यादव, ओम प्रकाश गुप्ता, कृष्णा यादव, अरूण कुमार चंद्रवंशी, सुनील चंद्रवंशी, ओम प्रकाश भुईयां, बबन सिंह यादव, शेर अहमद, रविंद्र मेहता, विश्वनाथ राम घूरा, अरूण चंद्रवंशी आदि उपस्थित थे।