एक क्लिक में पढ़े कांडी की खबर--भंडरिया विद्यालय में किया गया छात्रवृत्ति का वितरण--

भंडरिया विद्यालय में किया गया छात्रवृत्ति का वितरण--

-संवाददाता-विवेक चौबे

कांडी- प्राथमिक विद्यालय भंडरीया में वर्ग एक के बारह बच्चों के बीच छात्रवृत्ति का वितरण मुखिया कृष्णा दास,उप मुखिया- किरण सिंह, अध्यक्ष -गुड़ीया देवी, उपाध्यक्ष, एवं प्रधानाध्यापक राजमोहन मिश्र ने संयुक्त रूप से छात्रवृत्ति का वितरण किए। वंही मुखिया कृष्णा दास ने बताया कि आज के दिन बारह बच्चों के बीच छात्रवृत्ति का वितरण किया गया। जो प्रति बच्चों को पांच-पांच सौ रूपये दिया गया है। कुल छः हजार रुपये सरकारी राशी आया था। जिन बच्चों के खाता में पैसा नहीं गया था,जो सभी बच्चे एक क्लास में पढ़ते हैं,वैसे विद्यार्थी के बीच वितरण किया गया।


कांडी : अनिश्चितकालीन धारणा तबतक जारी रहेगा,जबतक लाभुकों को राशन नहीं मिल जाता

कांडी-प्रखण्ड क्षेत्र के सरकोनी के निलम स्वयं सहायता समूह के राशन लाभुकों को दो से तीन महीने का राशन समूह के डीलर द्वारा नहीं दिया गया है। इसके विरुद्ध मुखिया-मीना देवी,प्रखण्ड प्रमुख पति-पिंकू पाण्डेय मुखिया पति-अरुण सिंह, राणाडीह पंचायत मुखिया कृष्णा दास,गाड़ा पंचायत मुखिया पति निरज सिंह व खरौंधा पंचायत मुखिया पति मुन्ना ठाकुर सहित सैकड़ों लाभुक डीलर के राशन दुकान पर धरना दे रहे हैं।मुखिया-मीना देवी ने जानकारी देते हुए कहा कि सभी लाभुकों को जबतक राशन नहीं मिल जाता है तबतक धारणा जारी रहेगा। मुखिया पति-अरुण सिंह ने कहा कि इसकी सूचना बीडीओ,एसडीओ आदि की जानकारी पहले ही दी जा चुकी है। प्रखंड विकास पदाधिकारी गुलाम समदानी के द्वारा निलम स्वयं सहायता समूह को निरस्त भी कर दिया गया है लेकिन बात यह है कि जो लोगों तिन महीने का राशन नहीं वितरण किया गया वो वितरण करवाया जाए। 

 वंही प्रमुख पति-पिंकू पांडेय ने कहा कि डीलर दो से तीन महीने का राशन नहीं दे रहा है,जिससे तंग आकर अपने पेट व परिवार के पालन पोषण करने के लिए हक की लड़ाई लड़ने को विवश हैं यहां के लाभुक।लाभुकों के साथ मीना देवी,अरुण सिंह,पिंकू पाण्डेय सहित अन्य समाजसेवी वास्तविक अन्याय के विरुद्ध न्याय की जंग लड़ रहे हैं।लाभुकों को दो से तीन महीने का राशन नहीं दिया जा रहा है,इससे और शर्मनाक बात क्या हो सकती है।देखते हैं खबर की अगली कड़ी में की लाभुकों जिस उद्देश्य से डीलर के घर पर धारणा प्रदर्शन कर रहे हैं,उन्हें पदाधिकारी उनकी हक दिलाते हैं या नहीं।