प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साक्षात्कार में राम मंदिर पर दिये गये बयान के बाद फिर से बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है. काेई इसे चाल बता रहा है, तो कई इसे सही ठहरा रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साक्षात्कार में राम मंदिर पर दिये गये बयान के बाद फिर से बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है. काेई इसे चाल बता रहा है, तो कई इसे सही ठहरा रहा है.

 प्रभात खबर

जदयू का भी यही स्टैंड 

 

साक्षात्कार में प्रधानमंत्री यह कहना कि राममंदिर के निर्माण के लिए सरकार  कोई अध्यादेश नहीं लायेगी, इस पर जदयू ने प्रसन्नता जाहिर की है. प्रदेश अध्यक्ष सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान बहुत ही अच्छा है. अदालत का फैसला सबकाे मानना चाहिए. सिंह ने जदयू का पक्ष रखते हुए कहा कि हमलोगों का पहले से ही यह स्टैंड रहा है. अदालत जो रास्ता दिखायेगी, उस पर चलना चाहिए. 

 

कोर्ट के निर्णय पर बने

 

राजद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण राजनीतिक मुद्दा नहीं है. राम मंदिर निर्माण जनता की आम सहमति से या सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही होना चाहिए. राम के नाम को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए. तुलसीदास ने भी कहा है सियाराम मैं सब जग जानी. राम के नाम को विवादास्पद बनाने वाले राष्ट्रद्रोही व राम द्रोही हैं. 

 

बयान राजनीतिक चाल 

 

सीपीएम के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने कहा कि राम मंदिर पर पीएम की बयान एक राजनीतिक चाल है. क्योंकि इनकी पार्टी के बड़े-बड़े नेता खुलेआम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चैलेंज करने को तैयार हैं और अपने मन के मुताबिक बयान देते हैं और उनके ऊपर पीएम के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. ऐसे में पीएम का यह बयान बस जनता को गुमराह करने के लिए है. इधर, सीपीआइ (माले) के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि राम मंदिर पीएम का एजेंडा में शामिल है. यह बस सही मुद्दा से जनता को भटकाना है. 

 

प्रधानमंत्री ने जो कहा, वह सच है

 

राम मंदिर निर्माण पर प्रधानमंत्री की बातों का समर्थन करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा कि उन्होंने जो कहा वह सच है और उसमें दम है. भाजपा मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन अदालत के निर्णय का हम इंतजार करेंगे. अब प्रधानमंत्री ने सारी बातें कह दी हैं.

 

पीएम का बयान अच्छा 

 

पीएम के बयान पर सहयोगी दल लोजपा ने संतोष जाहिर किया है. पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि लोजपा ने पहले ही कहा था कि इस बार का चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जायेगा, इसमें मंदिर कहीं नहीं है. अदालत का जो भी फैसला होगा सबको मान्य होगा.