बच्चो,गर्भवती व धातृ माताओ के निवाला पर लगा ग्रहण, आठ माह से पोषाहार की राशि भी है बकाया, दुकानो से उधार बंद

बच्चो,गर्भवती व धातृ माताओ के निवाला पर लगा ग्रहण,          आठ  माह से पोषाहार की राशि भी है बकाया, दुकानो से उधार बंद

     आठ  माह से रेडी टू ईट नहीं, 

    समाधान नहीं होने पर उपायुक्त से मिलेंगे सभी पंसस

 बगैर पोषाहार के कुपोषण से लड़ने की चल रही है बच्चो की जं

पलामूः बाल विकास परियोजना  हैदरनगर के आंगनबाड़ी केंद्रों को आठ माह से रेडी टू इट नही मिला। आठ माह उधार के भरोसे माता समितियों ने पोषाहार की खरीद कर केंद्रों का संचालन किया। दो माह से  दुकानदारों ने भी उधार बंद कर दिया है। गर्भवती, धातृ महिलाओं व तीन वर्ष तक के बच्चों का आहार आठ माह से बंद है। जबकि दुकानदारों से उधार नहीं मिलने की वजह से इस माह से स्कूल पूर्व शिक्षा पाने वाले बच्चों का नाश्ता व मध्याह्न भोजन बंद होने के कगार पर है। आंगनबाड़ी केंद्रों को अंडा की आपूर्ति भी नियमित नहीं की जाती है। उपर से अंडा की क्वालिटी बिलकुल घटिया रहती है। यह आरोप आंगनबाड़ी में जाने वाले बच्चों के अभिभावकों का कहना है। उन्होंने बताया कि बाजार में मिलने वाले अंडा से आंगनबाड़ी के अंडे में काफी अंतर रहता है। घटिया होने से उसमें से दुर्गंध आती है। सेविकाओं से भी नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। पोशाहार व रेडी टू इट केंद्र में नहीं आने से ग्रामीणों का आक्रोश उन्हें सहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहता है कि लाभूकों को हर संभव मदद करें। प्रंतु ससमय सामग्री उपलब्ध नहीं होने से उन्हं काफी परेशानी झेलना पड़ता है। इस संबंध में 23 दिसंबर को बीडीसी की बैठक में पंसस रामप्रवेश सिंह ने सवाल उठाया था। महिला पर्यवेक्षिका ने जवाब दिया था कि इस माह के अंत तक बकाया का भुगतान, रेडी टू इट की आपूर्ति व मानदेय का भु्गतान करा दिया जायेगा। पंसस सह पंसस संघ के प्रखंड अध्यक्ष रामप्रवेश सिंह ने कहा है कि दस जनवरी तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो सभी पंचायत समिति सदस्य पलामू के उपायुक्त से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार कुपोषण को लेकर गंभीर होने की बात करती है। सिर्फ नारे लगाने, रैली निकालने और पोस्टर चिपकाने से कुपोषण दूर होगा या उसके लिए इंतेजाम करने से होगा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सिर्फ हैदरनगर की नहीं है। यही स्थिति संपूर्ण पलामू व राज्य की भी है।