पलामू: प्रधानमंत्री की सभा में बच्चों के प्रवेश पर रोक, काले सामानों से हटा प्रतिबंध

पलामू: प्रधानमंत्री की सभा में बच्चों के प्रवेश पर रोक, काले सामानों से हटा प्रतिबंध 

 पत्रकारों को जानकारी देते डीसी-एसपी 

पलामू, 2 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में बच्चे प्रवेश नहीं कर पायेंगे. 10 वर्ष तक के बच्चों के प्रवेश पर प्रशासन ने रोक लगा दी है. आगामी पांच जनवरी को चियांकी हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों को लेकर बुधवार को बिहार-झारखंड के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की गयी और इस दिशा में निर्देश जारी किया गया. एसपीजी, 11 आइपीएस, 50 से अधिक डीएसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गयी है. 

बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक इन्द्रजीत माहथा ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर काले सामानों पर लगाए गए प्रतिबंध से संबंधित एडवाइजरी वापस ले ली गयी है. लोग अब किसी तरह के कपड़े पहनकर सभा में भाग ले सकते हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षा के तमाम मापदंडों को अपनाना होगा. सभा में भाग लेने के लिए दर्शकों और कार्यकर्ताओं को परिचय पत्र साथ में लाना जरूरी है, लेकिन अगर किसी कारणवश वे आइडी प्रूफ नहीं ला पाए तो उनकी पूरी फिजिकल जांच कर सभा में भाग लेने के लिए भेजा जायेगा.

85 प्रवेश द्वार होंगे

पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि कार्यक्रम स्थल पर 85 प्रवेश द्वार होंगे। इसमें 40 प्रवेश द्वार से महिलाएं, जबकि 45 इंट्री गेट से पुरूष प्रवेश कर सकेंगे. कुछ दिन पहले 12 प्रवेश द्वार बनाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए इंट्री गेटों की संख्या भी बढ़ाने का निर्णय लिया गया. 13 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां सभी तरह के वाहनों को लगाने का निर्देश जारी किया गया है.

तीन वाॅच टाॅवर होंगे

पुलिस अधीक्षक ने यह भी जानकारी दी कि कार्यक्रम स्थल की निगरानी के लिए तीन वाॅच टाॅवर बनाए गए हैं. दो कंट्रोल रूम होंगे. प्रधानमंत्री के आगमन पर तीन चाॅपर आयेगा, जिसकी लैंडिंग चियांकी हवाई अड्डा परिसर में ही होगी.

इन सामानों पर रहेगी रोक

पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि सभास्थल पर आने वाले लोग पेपर, ब्रिफकेश, ट्रांजिस्टर, कैमरा, डिजिटल डायरी, हथियार, हैंड बैग, सिगरेट, बीड़ी, सलाई, पानी की बोतल सहित किसी तरह के ज्वलनशील पदार्थ लेकर इंट्री नहीं कर सकेंगे. इन सामानों पर पूरी तरह रोक लगा दी गयी है.

मालवाहक वाहनों का रूट रहेगा डायवर्ट

प्रधानमंत्री के आगमन वाले दिन रांची की ओर से आने वाले या फिर रांची जाने वाले मालवाहक वाहन भाया पांकी-बालूमाथ होते निकाले जायेंगे.         

11 जोन में बंटा कार्यक्रम स्थल

उपायुक्त डा. शांतनु अग्रहरि ने बताया कि कार्यक्रम स्थल को 11 जोन में बांटा गया है. पांच सेक्टर बनाए गए हैं, जिसमें 60 ब्लाॅक होंगे. मीडिया के लिए अलग से सेक्टर होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री छह योजनाओं का आॅन लाइन शिलान्यास करेंगे. जिसमें उतरी कोयल परियोजना (मंडल डैम) सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं. उपायुक्त ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी, पदाधिकारी सहित सभी स्तर के कर्मियों को पहचान पत्र बनाया जा रहा है. कोई भी बिना पहचान पत्र से कार्यक्रमस्थल पर उपस्थित नहीं रह सकेगा.

कांग्रेस का प्रमंडल स्तरीय बैठक, पीएम से मिलने का निर्णय

प्रधानमंत्री से काले वस्त्र में मिलेंगे कांग्रेसी

डालटनगंज, 2 जनवरी (थर्ड आई): आगामी पांच जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पलामू आगमन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा काला वस्त्र या काला सामान लेकर सभा स्थल पर नहीं आने की अपील को लेकर कांग्रेसियों ने उस दिन काला कपड़ा पहनकर पीएम से मिलने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कांग्रेस के प्रमंडल स्तरीय बैठक के बाद राज्य के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा। उन्होंने कहा कि काला कपड़ा पहनना भारतीयों का स्वतंत्रता है। काला कपड़ा पर रोक लगाना स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का हनन है। 

उन्होंने कहा कि न जाने देश के प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री काला कपड़ा से इतना परहेज क्यों है, जबकि इन दोनों नेताओं के दिल ही काला है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के पौने पांच वर्ष वित्तने के बाद चुनाव नजदीक देख उन्हें मंडल डैम की याद आयी है। मंडल डैम को तो पौने पांच वर्षों में बनाकर जनता को समर्पित कर देना चाहिए था, लेकिन देश और राज्य की सरकार ने ऐसा नहीं कर पलामू प्रमंडल की जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि उस दिन पलामू प्रमंडल के कांग्रेसी कोई न कोई काला कपड़ा आवश्य पहनकर आयें और प्रधानमंत्री से मिलने के कार्यक्रम में शामिल होकर पलामू प्रमंडल और चतरा की खेतों में पानी दिलाने की दिशा में वार्ता करें।

उन्होंने कहा कि उस दिन पलामू  प्रमंडल के कांग्रेसी श्री त्रिपाठी के नेतृत्व में मंडल डैम के विस्थापितों के साथ पदयात्रा कर डालटनगंज पहुचेंगे और 11.30 बजे प्रधानमंत्री से मिलकर मांग पत्र सौंपेंगे। श्री त्रिपाठी ने कहा कि 1967 के आकाल के बाद पलामू प्रमंडल और चतरा जिले को सिंचित करने के लिए केन्द्र कीे कांग्रेस सरकार ने मंडल डैम की शुरूआत करायी थी, लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पलामू प्रमंडल के विकास की तनीक भी चिंता नहीं है। वे मंडल डैम की पानी को बिहार भेजने का प्रयास करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि औरंगा, मलय, टहले, बटाने, आमानत आदि नदी को बांधकर केनाल के माध्यम से पलामू के खेतों को पानी देने के बाद शेष पानी को ये बाहर भेजने की मांग को लेकर कंाग्रेस पार्टी उन्हें मांग पत्र सौंपेगा। 

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को जब मंडल डैम से पलामू और चतरा के लोगांे को कोई लाभ नहीं देना है तो फिर चुनाव नजदीक देख पलामू आकर मंडल डैम का शिलान्यास करना जनता की गाढ़ी कमायी को बंदरबांट करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से भी आॅनलाइन मंडल डैम का शिलान्यास किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि विस्थापितों को मुआवजा दिए बगैर सरकार उनकी भूमि को अधिगृहित नहीं कर सकती है। सरकारी प्रावधान है कि विस्थापितों को मुआवजा देने के बाद यदि सरकार पांच-छह वर्षों तक उस भूमि का उपयोग नहीं करती है तो वह भूमि फिर वही किसानों का हो जाता है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस कमिटी पलामू प्रमंडल और चतरा जिले के विकास के लिए संघर्षरत है और जैसे भी हो इन जिले को पानी सिंचाइ के लिए पानी उपलब्ध कराने की दिशा में कांग्रेस आंदोलनरत रहेगा।

इस मौके पर कांग्रेस कमिटी के पलामू जिला अध्यक्ष जैशरंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक, गढ़वा जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार तुफानी, लातेहार जिलाध्यक्ष मुनेश्वर उरांव, चन्द्रशेखर शुक्ला, अमृत शुक्ला, भरत सिंह, रामाशीष पांडेय, विजय चैबे, राजेश चैरसिया, कैशर जावेद, विमला कुमारी, अभिषेक सिंह, अविनाश गुप्ता, कौशल दुबे सहित प्रमंडल के कई कांग्रेसी नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।