कॉलेज प्रशाल में प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फुले का जयंती मनाया गया ।

कॉलेज प्रशाल में प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फुले का जयंती मनाया गया ।

छत्तरपुर से अरविंद अग्रवाल की रिपोर्ट:-

छत्तरपुर( पलामू )गुलाबचंद प्रसाद अग्रवाल कॉलेज सड़मा, छतरपुर में भारत के प्रथम  शिक्षिका समाज सुधारिका एवं मराठी कवित्री सावित्री बाई फुले का जन्म दिवस मनाया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित एवं उनके प्रतिमा पर पुष्पांजलि कर किया गया । प्रभारी प्राचार्य सह कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर जितेंद्र कुमार ने कहा कि आज के नारी को भी सावित्री बाई फुले की तरह शिक्षा के अलख जगाने की जरूरत है , तभी देश व समाज का विकास संभव है।कॉलेज के कार्यक्रम पदाधिकारी सह समाजशास्त्र विभाग के प्रोफेसर राज मोहन ने उपस्थित छात्र-छात्राओं व अभिभावकों को सावित्री बाई फुले की जीवनी के बारे में बताते हुए कहा कि  ज्योति राव  गोविंदराव फुले  "अपने पति" से प्रेरणा लेकर स्त्रियों के अधिकारों के प्रति  एक मुहिम खड़ा की थी।सावित्रीबाई भारत के प्रथम  कन्या विद्यालय में प्रथम महिला शिक्षिका थी  जो आधुनिक मराठी काव्य अग्रदूत मानी जाती है ,उन्होंने स्त्री शिक्षा के लिए 1852 में अछूत बालिकाओं के लिए  एक विद्यालय की स्थापना की । शिक्षा और अछूतो के लिए अपना हर संभव प्रयास करती रही। श्री राज मोहन ने कहा कि 03 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र में जन्मे सावित्रीबाई फुले का विवाह बाल्यावस्था में ही 1840 ईस्वी में ज्योतिबा फुले से हुआ भारत में सामाजिक सुधार आंदोलन में एक सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में माना जाता है उन्हें महिला और दलित जातियों को शिक्षित करने, विधवा विवाह ,एवं छुआछूत जैसे सामाजिक कुरीति को खात्मा करना ही एकमात्र जीवन का मिशन था । वह जब स्कूल जाती थी तो समाज व महिला विरोधी पुरुष महिला उन पर गंदे व पत्थर फेंका करते थे ।आज से 160 वर्ष पहले बालिकाओं के लिए विद्या ग्रहण पाप था उस समय देश में एक अकेला विद्यालय के प्रधानाध्यापक होना गौरवान्वित बात है ।10 मार्च 1897 को प्लेग के कारण सावित्रीबाई फुले का निर्धन हो गया।जीवन निर्वान्त लोगो को आंदोलित और जागरूक करती रही । इस कार्यक्रम में  प्रो सूर्योदय कुमार,कमलेश विश्वकर्मा ,जलेश्वर कुमार, प्रोफेसर रानी कुमारी ,धर्मेन्द्र कुमार इत्यादि ने संबोधित किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कॉलेज के शिक्षक प्रतिनिधि प्रोफेसर शंभूनाथ अग्रवाल तथा मंच संचालन प्रोफेसर इंदु कुमारी ने की । इस कार्यक्रम में कॉलेज के कर्मी तथा सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।