त्रिपाठी जी इलेक्शन नहीं जेनरेशन की सोचें: अरूणा शंकर

त्रिपाठी जी इलेक्शन नहीं जेनरेशन की सोचें: अरूणा शंकर    

डालटनगंज, 4 जनवरी: नार्थ कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्तारित योजना के शिलान्यास से पहले चल रही राजनीतिक काफी गर्म हो गयी है। पक्ष-विपक्ष के बीच योजना को सही-गलत ठहराने और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी काफी तेज हो गया है। मंडल डैम परियोजना को पलामू प्रमंडल के हित में कल्याणकारी नहीं बताने वाले पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.एन. त्रिपाठी के बयान पर मेदिनीनगर नगर निगम की मेयर श्रीमती अरूणा शंकर ने कड़ा ऐतराज जताया है।

विदित हो कि कांग्रेसी नेता ने मंडल परियोजना से विस्थापित हो रहे लोगों के साथ शुक्रवार से पदयात्रा निकालने की तैयारी की है। त्रिपाठी अपने समर्थकों के साथ मंडल के लिए निकल गए हैं।     

निगम के आवासीय कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए मेयर ने कहा कि मंडल परियोजना लंबे समय से बंद पड़ी रही, लेकिन केन्द्र और राज्य में गठबंधन की कांग्रेस सरकार ने यह कभी नहीं सोचा कि इस योजना को पुनर्जीवित किया जाए। अब जब कि चुनाव में किए गए वायदे के अनुसार राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास के अथक प्रयास से पलामू प्रमंडल के अति महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा होने जा रही है तो श्री त्रिपाठी इलेक्शन आधारित पदयात्रा करने लगे हैं। श्री त्रिपाठी इलेक्शन नहीं जेनरेशन की सोचें। 

मेयर ने कहा कि मंडल परियोजना के शिलान्यास से पलामू प्रमंडलवासी उत्साहित हैं। किसानों को पूरा हक मिलने जा रहा है। लेकिन इन सब के बावजूद कांग्रेसी नेताओं को आम अवाम की सोच के विपरीत जाकर विरोध पर उतारू हो गए हैं। मंडल विरोधी पदयात्रा पलामू प्रमंडल के विकास में बाधक बन सकती है। 

चार वर्ष के कार्यकाल में पलामू को मिली कई सौगात

मुख्यमंत्री रघुवर दास के चार वर्ष के कार्यकाल में पलामू जिले में हुए विकास कार्य को गिनाते हुए मेयर ने कहा कि       जिले में मेडिकल काॅलेज भवन बन कर तैयार हो गया है। साथ ही नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन बन रहा है। नक्सलवाद और अपराध पर अंकुश लगने के कारण लोग 24 घंटे यात्रा कर रहे हैं। 22 घंटे बिजली मिल पा रही है। मंडल परियोजना के पूरे हो जाने से खेतों में पानी पहुंचने लगेगा। युवाओं के लिए रघुवर सरकार द्वारा रोजगार सृजन किया जा रहा है। उज्जवला योजना से खाना पकाना आसान हुआ और धुंआ जनित बीमारियों से मुक्ति मिली है। 250 करोड़ की लागत से सड़क, नाली, लाइट लगाने की योजनाओं की स्वीकृति दी जा चुकी है। बहुत जल्द खासमहाल लीज फ्री होल्ड करना मुख्यमंत्री के लक्ष्य में शामिल है।

परियोजना के शिलान्यास को लेकर दिग्भ्रमित न करे विपक्ष: कर्नल संजय

डालटनगंज, 4 जनवरी : विगत पांच वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेदिनीनगर में तीसरी यात्रा से पलामू का मान पूरे विश्व में बढ़ गया है, लेकिन जिस तरीके से विपक्षियों द्वारा प्रधानमंत्री के मंडल परियोजना के शिलान्यास का विरोध और विकास विरोधी दिग्भ्रमित दुष्प्रचार किया जा रहा है, ये उनके नीतिविहीन सिद्धान्तों का द्योतक है। यह ‘अपना से होआये नाइ और दोसर के सोहाय नाइ’ वाली लोकोक्ति को चरितार्थ करती है। उक्त बातें भाजपा नेता कर्नल संजय सिंह ने कही। 

उन्होंने कहा कि भाजपा के सृजन से पहले 1974 में ही इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रारंभ किया गया था, परंतु कांग्रेस की सरकार ने इसपर कभी संज्ञान नही लिया और आज जब विकास पुरुष मोदी जी इसे आगे बढ़ा कर पूर्ण करना चाहते हैं तो विपक्ष इसमें बिहार-झारखण्ड के नाम पर अवरोध पैदा करना चाहते है। ये लोग पूरे राष्ट्र को खंडित करने को उतारू हैं चाहे वो खंडन पानी विभाजन को लेकर हो या धर्म के नाम पर हो या भाषा के नाम पर ही क्यों न हो? इन्ही भावनाओं में बह कर कभी-कभी दूसरों राज्यों के लोग भी दूसरे राज्यों के लोगों को भारत के अंदर ही दोहरी नागरिकता जैसी बातें फैला कर भारत मे पृथकतावादी नितियों को बढ़ावा दे रहे है। 

यदि यही विचार दूसरे राज्य के लोग झारखंडी युवकों के प्रति रखें तो राष्ट्र को बिखरने में समय नहीं लगेगा। आज पानी पर बिहार के साथ वैमनस्यता फैलाएंगे तो कल एनटीपीसी द्वारा झारखण्ड को मिलनेवाली बिजली वो रोकेंगे। फिर यहां से दूसरे राज्यों में जानेवाला कोयला, जो देश को ऊर्जा देता है, उसे भी रोकना पड़ेगा। सोन नदी जिससे हम सिंचाई की डीप इरीगेशन जैसी योजना से पलामू-गढ़वा को सिंचित करना चाहते है, उसे उत्तर प्रदेश रोक दें तो राष्ट्रीय व्यवस्था बिगड़ सकती है। 


आज के नेताओं में दूरदर्शिता का अभाव भारत वर्ष को पृथकतावादी के भंवर में धकेल रहा है और पलामू के विपक्षी नेता भी उसी विचारधारा से ग्रसित दिखते हैं। आजतक ऐसा कही नहीं हुआ था, जहां पर्यावरण मंत्री को पर्यावरण का अनापत्ति प्रमाण पत्र देने स्वयं जमीन पर आना पड़ा था, लेकिन विगत वर्षों में तत्कालीन पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने ये कार्य किया। वहीं बिहार राज्य के औरंगाबाद सांसद सुशील सिंह, अरुण सिंह और चतरा सांसद सुनील सिंह और पलामू सांसद विष्णु दयाल राम का प्रधानमंत्री के संज्ञान में लाने का अथक प्रयास सराहनीय है। हम सभी पलामू वासी प्रधानमंत्री जी के विकासपर्व के लिए यहां पर आगमन पर गर्वान्वित महसूस कर रहे हैं। वही सभी विपक्षी नेताओं से आग्रह करते हैं कि विपक्षियों का विरोध सकारात्मक और विकास के लिए होना चाहिए न कि मात्र विरोध के लिए।


नहीं हो सकी कांग्रेस की पदयात्रा, के.एन त्रिपाठी कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तार    

डालटनगंज, 4 जनवरी: उतरी कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्थापितों को लेकर कांग्रेस द्वारा मंडल डैम से शुरू की जा रही पदयात्रा प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण शुरू नहीं हो सकी। लातेहार जिला के बरवाडीह में कांग्रेस नेताओं को रोके जाने पर चार से पांच घंटे तक सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। बाद में पदयात्रा कर लौटते समय बरवाडीह थाना के सामने कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद बरवाडीह थाना में रखा गया है। गिरफ्तारी के दौरान कांग्रेसी नेताओं ने जमकर नारेबाजी की।

केचकी में हुई पुलिस के साथ तीखी नोंक झोंक 

सबससे पहले पलामू जिले से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री के.एन त्रिपाठी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता पदयात्रा शुरू करने के लिए बरवाडीह के मंडल जा रहे थे। रास्ते में केचकी स्थित वन विभाग के चेकनाका के पास पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान के.एन त्रिपाठी और पुलिस के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। हालांकि बाद में त्रिपाठी यहां बरवाडीह के लिए निकल गए। बरवाडीह से मंडल जाने वाले रास्ते में जैसे ही पहुंचे कि उन्हें रोक दिया गया। 

बरवाडीह से आगे बढ़ नहीं पाए कांग्रेसी 

बरवाडीह में सिंचाई विभाग के क्वाटर्र के पास कांग्रेसी नेताओं को पुनः रोका गया और यहां से उन्हें लातेहार के एसडीओ जय प्रकाश झा और बरवाडीह के एसडीपीओ अमरनाथ ने आगे नहीं बढ़ने दिया। इससे नाराज कांग्रेसी सड़क पर ही बैठक गए और प्रदर्शन करने लगे। के.एन त्रिपाठी ने बताया कि यहां करीब चार से पांच घंटे तक आन्दोलन किया गया। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मंडल जाकर संवैधानिक तरीके से पदयात्रा करने का आग्रह किया गया, लेकिन उन्होंने उनकी एक न सुनी। दोपहर करीब एक बजे वे धरना खत्म कर पदयात्रा करते हुए वापस बरवाडीह लौटने लगे, लेकिन बरवाडीह थाना के समीप उन्हें तीसरी बार रोका गया और गिरफ्तार कर लिया गया।

किसी आग्रह को प्रशासन ने नहीं माना: त्रिपाठी

के.एन त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान जब उनकी ओर से पूछने की कोशिश की गयी कि उन्हें किसलिए गिरफ्तार किया जा रहा है तो प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें सिर्फ इतना बताया कि आदेश है। त्रिपाठी ने यह भी कहा कि उनकी मंशा प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करना नहीं, बल्कि उन्हें मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपना है। वे शांति पूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपना चाहते हैं। मौके पर त्रिपाठी द्वारा लातेहार एसपी से भी दूरभाष पर बात की गयी, लेकिन साकारात्मक जवाब उन्हें नहीं मिला। 

कौन-कौन हुए गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए कांग्रेसी नेताओं में पार्टी के जोनल कार्डिनेटर भीम कुमार, पलामू जिला अध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू, अमृत शुक्ला, मुनेश्वर उरांव, विजय चैबे, महिला मोर्चा की पलामू अध्यक्ष पूर्णिमा पांडेय, पप्पू अजहर, कैसर जावेद, विमला कुमारी, अभिषेक तिवारी सहित दर्जनों शामिल हैं। 


   चलती बस में बुनकर विभाग के अध्यक्ष की मौत 

नावा बाजार, 4 जनवरी: थाना क्षेत्र रबदा निवासी रामवंश पाल (55 वर्षीय) की शुक्रवार को बस से रांची से सिमडेगा जाने के क्रम में मौत हो गयी। सोशल मीडिया के माध्यम से रामवंशी की मौत की सूचना उसके परिजनों को दे दी गयी है। परिजनों को रामवंश का शव सिमडेगा में रखे जाने की सूचना मिली है। 


जनकारी के मुताबिक रामवंश पाल बुनकर विभाग में अध्यक्ष थे। वे किसी काम से सुबह में रांची से सिमडेगा बस द्वारा जा रहे थे। तभी अचानक चलती बस में उनकी मौत हो गयी। घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। चर्चा है कि हार्ट अटैक से उनकी मौत हुई है। 


 


चुनाव के वक्त में जनता अगर खामोश रही तो भ्रष्ट नेता और मंत्री चुनकर आएंगे। ऐसे वक्त में हमें पूछने होंगे सवाल, मांगने होंगे जवाब, करनी होगी दुश्मनों की पहचान और करने होंगे फैसले। सफदर हाशमी के इस संवाद को जनता के बीच नुक्कड़ पर इप्टा के कलाकारों ने सुनाया। शहीद रंगकर्मी सफदर हाशमी की याद में इप्टा की पलामू इकाई द्वारा चल रहे कार्यक्रमों के अंतर्गत शुक्रवार को कचहरी परिसर में नुक्कड़ नाटक और जनगीत प्रस्तुत किए गए। 


सफदर के कई नाटकों के महत्वपूर्ण और समसामयिक संवाद को संकलित कर कलाकारों ने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। नाटक में जब बेरोजगार नौजवान के सारे सपने टूट चुके हैं तब वह पूछ रहा है कौन है इसका जिम्मेवार, तो दूसरी तरफ मुल्क में धर्म और जाति के नाम पर बोये जा रहे नफरत के बीज को पाटने के लिए भी सफदर के नाटक का संवाद याद किया गया। मौत फिर मौत है आगाज से अंजाम तलाक, मौत न हिन्दू होती है न मुसलमां। ऐसे ही जीवंत और ज्वलंत संवादों के साथ नाटक के अंत में सभी कलाकार जनता की एकजुटता का आह्वाहन करते हुए उन्हें याद दिलाते है कि ऐसे वक्त में अपनी आंखें खुली रखो, अपने दिमाग रौशन करो, सोचो और फैसला करो जनता का असली दुश्मन कौन है।


नाटक की परिकल्पना और निर्देशन प्रेम प्रकाश की थी। कलाकारों में प्रीतम कुमार, मनीष कुमार, आयूष प्रकाश, अजीत ठाकुर, शशी पाण्डेय, दिनेश, रवि शंकर व प्रेम प्रकाश शामिल थे । इस दौरान कलाकारों ने सफदर के गीत पढ़ना लिखना सीखो वो मेहनत करने वालों, पढ़ना लिखना सीखो वो भूख से लड़ने वालों भी गाया। ये वक्त की आवाज है मिल के चलो गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मौके पर इप्टा के राज्य महासचिव उपेंद्र मिश्रा, भाकपा नेता केडी सिंह, बेतला महोत्सव के संयोजक राजेश पांडेय, अभय  मिश्रा, प्रांजल अनुभव समेत काफी संख्या में दर्शक मौजूद थे। 


इप्टा के सचिव रवि शंकर ने बताया कि सफदर हाशमी शहादत सप्ताह का समापन 6 जनवरी रविवार को भगत सिंह चैक पर किया जाएगा। इस दिन सफदर की याद में कवि सम्मेलन मुशायरा का आयोजन किया गया है। साथ ही इप्टा के कलाकार नाटक व जनगीत भी प्रस्तुत करेंगे।