आदेश का पालन नही होने से बंद है लोहबंधा मध्य विद्यालय

आदेश का पालन नही  होने से बंद है लोहबंधा मध्य विद्यालय

कुंदन चौरसिया की कलम से

मोहम्मदगंज.पारा शिक्षकों के मामलों से निपटने को लेकर  बन्द पड़े सभी विद्यालयों में पठन -पाठन को लेकर  टेट पास  शिक्षक बहाल करने की प्रक्रिया को गम्भीरता से से लागू नही करने से अब  तक बन्द है लोहबंधा गांव का राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय.इसकी स्थापना1960 में की गई है.  अनुमंडल मुख्यायल से करीब 30  किमी दूर जंगल व पहाड़ों के बीच बसा लोहबंधा गांव आज भी विकास से कोसो दूर है.ऐसे  में यहा नॉनिहालो के बीच शिक्षा का अलख जगाने  के लिये स्थपित विद्यालय तीन माह से बंद है.बच्चे अभी जंगल की लकड़ी चुनने व बकरिया चराने लगे है. गांव  अतिपिछड़ा बहुल है. विद्यालय मे  बच्चों की संख्या207 है.

विद्यालय एक पारा शिक्षक के सहारे चल  रहा  है. हड़ताल के कारण पिछले  6 नवम्बर से बंद है.

 टेट पास  शिक्षक मिलने पर विद्यालय में पठन पाठन शुरू होगी-  बी ई ई ओ

सरकार की आदेश का पालन करते हुए इस विद्यालय मे पठन पाठन शुरू होगी. टेट पास शिक्षक का आवेदन मिलने पर विद्यालय मे पूर्व की तरह पढ़ाई के लिये सरकार कटिबद्व है.  शीघ्र यहा का मामला हल कर लिया  जायेगा.

  ग्रामीणों की पहल से  विद्यालय खुलने के आसार बढ़े.

पिछड़ा बहुल इस गांव में एक मात्र टेट पास शिक्षक  मसऊद आलम  है .अभी वह बाहर रहकर काम करता है.  ग्रामीणों की पहल व अपने गांव से लगाव के  कारण   बच्चों   को  शिक्षा देने के प्रति गंभीरता दिखाई है. उसने  अपना आवेदन  विभाग के पास जमा किया है.विभाग पूरी  ईमानदारी व पारदर्शी  तरीके से आवेदक का चयन कर  इस बन्द पड़े विद्यालय मे गांव के ही  शिक्षक का चयन कर सकती है.अभिभावकों का कहना है कि  पूर्व के जितने भी शिक्षक  बहल हुए  सब  दूसरे जगह के रहे है. विभाग के लोग गांव की प्रतिभा को लेन देन के चक्कर मे  हमेशा ही अनदेखी किया है.