स्थिति स्पष्ट करे कांग्रेस :ज्योतिरीश्वर

स्थिति स्पष्ट करे कांग्रेस :ज्योतिरीश्वर 

रांची : मंडल परियोजना का विरोध कर रहे कांग्रेस पर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ज्योतिरीश्वर सिंह ने  सवाल उठाया है, कहा है की इस मसले पर आमजनों को भ्रम में डालने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि यह परियोजना 1972 में  एकीकृत बिहार के जमाने में कांग्रेस के शासनकाल में ही किया गया था, आधी सदी तक यह परियोजना अधूरी पडी रही, आज जब भाजपा की सरकार ने अपने इच्छाशक्ति के साथ इस परियोजना को मंजूरी दी तो कांग्रेसी जनता और किसान को गुमराह करने के लिए सक्रिय है, दरअसल कांग्रेसी कोई भी ऐसा काम नही करते जिससे पीढियों को लाभ मिले क्षणिक लाभ देकर कैसे लोगों को गुमराह कर सत्ता हासिल किया जाये यह कांग्रेसियों के  राजनीति चाल चरित्र में शामिल हैं. किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि मंडल  परियोजना के मंजूरी से न सिर्फ किसानों के खेतों को पानी मिलेगा बल्कि भारतीय गण राज्य को मजबूती मिलेगी, मंडल परियोजना शिलान्यास के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा भी सबका साथ सबका विकास हमारा मार्ग भी है और लक्ष्य भी, इसलिए समग्र देश का विकास भाजपा का लक्ष्य है. मंडल परियोजना पर पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी दो राज्यों के बीच वैमनस्यता फैलाने की राजनीति कर रहे है, पूर्व मंत्री श्री त्रिपाठी लगातार यह कह रहे है की कांग्रेस  की सरकार बनेगी तो मंडल का पानी बिहार नही जाने देगे, उनके इस बयान से ऐसा लग  रहा है की बिहार झारखंड का पडोसी राज्य न हो कर पाकिस्तान का हिस्सा हो, जहाँ तक झारखंड को मंडल परियोजना के लाभ का सवाल है तो इसका लाभ कैसे अधिक से अधिक झारखंड के पलामू गढवा लातेहार और चतरा के किसानों को मिले, इस मसले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास गंभीर है, न सिर्फ मंडल परियोजना बल्कि गढवा की कनहर अौर पलामू के तहले सिचांई परियोजना को मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है, जिसकी घोषणा मंडल परियोजना के आधारशिला रखने के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने की है, 70 वर्षो से यह परियोजना क्यो अधूरी रह गयी?  यह बताने के बजाये कांग्रेसी किसानों के हित में  किये जा रहे कार्यो का विरोध कर रहे है, मंडल परियोजना के शिलान्यास के बाद जिस तरह का विरोध पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने किया और मध्य प्रदेश में  सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगो को लेकर  जो बयान दिया इससे यह पता चलता है कि कांग्रेसी एक सोची समझी राजनीति के तहत भारतीय गणराज्य को कमजोर करने का प्रयास कर रहे, एक तरफ कांग्रेस के एक मंत्री  नवजोत सिंह  सिद्धू पाकिस्तान मे जाकर वह के प्रधानमंत्री को गले लगाते है, यह चरित्र बताने के लिए काफी है कांग्रेसियों के लिए सत्ता सेवा का माध्यम नही बल्कि केवल ऐशोआराम का माध्यम है और येन केन प्रकारेण  सत्ता पर काबिज  हो इसके लिए जनता को गुमराह करने के लिए किसी हद तक कांग्रेसी गिर सकते है, जहां तक मंडल परियोजना का सवाल है तो इस मामले में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी जो कुछ कह रहे है क्या वह पूरी पार्टी की राय है? ताकी बिहार के लोगो को भी पता चले की किस तरह काग्रेस दोहरी राजनीति करती है, इस मामले काग्रेस को अपनी स्थिति  स्पष्ट करनी चाहिए