गढ़वा में झामुमो की संघर्ष यात्रा, बोले हेमंत : किसान आत्महत्या कर रहे हैं, सरकार चेहरा चमकाने पर बहा रही पैसे

गढ़वा में झामुमो की संघर्ष यात्रा, बोले हेमंत : किसान आत्महत्या कर रहे हैं, सरकार चेहरा चमकाने पर बहा रही पैसे

जितेंद्र सिंह गढ़वा : झारखंड में किसान आत्महत्या कर रहे हैं और सरकार अपना चेहरा चमकाने के लिए पानी की तरह पैसे बहा रही है. यह किसानों के साथ धोखा है. गढ़वा-पलामू में कृषि क्षेत्र के लिए आवंटित धनराशि का 30 फीसदी ही अब तक सरकार ने खर्च किया है. ये बातें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष सह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार की शाम रंका मोड़ पर पार्टी द्वारा आयोजित चौपाल में  उन्होंने कहा कि चुनाव आ रहे हैं. एक बार फिर सरकार किसानों को छलने के लिए घोषणा करने वाली है. उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रचार-प्रसार के जरिये अपना चेहरा चमकाने पर 350 करोड़ रुपये खर्च कर दिये. किसानों के लिए कुछ नहीं किया. मंडल डैम परियोजना को झारखंड के साथ धोखा बताते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि 50 साल पुरानी इस योजना से झारखंड को कुछ नहीं मिलेगा. सारा पानी बिहार को मिलेगा. 50 साल पहले जब इस परियोजना की आधारशिला रखी गयी थी, उस वक्त वहां की आबादी कम थी. अब सब कुछ बदल चुका है. इसलिए सरकार को फिर से सर्वेक्षण कराकर इस योजना पर काम करना चाहिए था. इसे भी पढ़ें : IN PICS : पलामू में बीच सड़क पर आग के शोले में तब्दील हो गया कंटेनर, लोगों की सांसें अटकीं, देखें Video श्री सोरेन ने कहा कि यह भी एक चुनावी जुमला है और मुख्यमंत्री रघुवर दास अपने साथी ठेकेदारों को काम दिलाकर चुनाव खर्च निकालने के लिए इस योजना को शुरू कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पलामू के सांसद वीडी राम शहीद नीलांबर-पीतांबर की मूर्ति का अनावरण करते फिर रहे हैं, जबकि उनके ही गांव को मंडल डैम में डुबोया जा रहा है. उन्होंने कहा कि संघर्ष यात्रा का उद्देश्य आधारभूत संरचना के साथ विकास का खाका तैयार करना है. कहा कि राज्य में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गया है. सरकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करके कागजों पर विकास कार्य दिखाने में लगी है. निरंकुश हो गये हैं अधिकारी पूर्व मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि रघुवर दास के शासनकाल में अधिकारी निरंकुश हो गये हैं. विकास कार्य नहीं करना चाहते. श्री सोरेन ने कहा कि गढ़वा में बाइपास का मुद्दा काफी पुराना है. बिजली की यहां गंभीर समस्या है. वे मुख्यमंत्री थे, तो पलामू को हटिया ग्रिड से जुड़वाया था. उनकी सरकार के जाते ही यह योजना भी ठप हो गयी. हमारी सरकार बनी, तो युवाओं को झारखंड में ही मिलेगा रोजगार झामुमो नेता श्री सोरेन ने कहा कि राज्य में उनकी सरकार बनेगी, तो राज्य से पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी के लिए दूसरी जगह पलायन नहीं करना पड़ेगा. वे राज्य में ही रोजगार के साधन उपलब्ध करायेंगे. अपनी जेब भर रहे हैं स्वास्थ्य मंत्री पूर्व मुख्यमंत्री ने चौपाल में उपस्थित लोगों के सवालों के भी जवाब दिये. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री अपनी जेब भरने में लगे हैं. लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने कहा कि बिजली के क्षेत्र में बुरा हाल है. बिजली के खंभों पर लटके बल्ब को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि विद्युतीकरण के क्षेत्र में कितना काम हुआ है. रघुवर सरकार हर मोर्चा पर फेल श्री सोरेन ने कहा कि रघुवर सरकार हर मोर्चा पर फेल है. यह सरकार पूंजीपतियों को बुलाकर इस राज्य की जनता को लूटने में लगी है. सरकार राज्य के तमाम संसाधन उन पूंजीपतियों के हवाले करती जा रही है. लोगों को इस सच्चाई से अवगत कराने के लिए ही संघर्ष यात्रा की शुरुआत की गयी है. उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में यह सरकार नहीं रहेगी. झामुमो की सरकार बनेगी और जनता के हित में योजनाएं शुरू की जायेंगी. हड़ताल पर हैं कई विभाग, सरकार मौन हेमंत सोरेन ने कहा कि प्रदेश के कई विभागों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं. पारा शिक्षकों की हड़ताल दो महीने से चल रही है. बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही है और सरकार चुप है. शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गयी है. भाजपा सरकार पर वार करते हुए श्री सोरेन ने कहा कि ये लोग विदेशों में जाकर नौकरी की भीख मांग रहे हैं और राज्य में खुद शराब बेच रही है. इस सरकार से राज्य के विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती.