सड़क हादसे के बाद कोयल पुल जाम, पुलिस हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला

सड़क हादसे के बाद कोयल पुल जाम, पुलिस हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला 

डालटनगंज, 16 जनवरी : एम्बुलेंस और दो पहिया वाहन के बीच टक्कर के बाद हुए विवाद में कोयल पुल करीब एक घंटे तक जाम रहा। जाम में सैकड़ों वाहन फंसे रहे। बाद में दोनों ओर से पुलिस द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद जाम हटाया गया। हादसे में जख्मी युवक को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। चैनपुर पुलिस द्वारा दोनों वाहनों को जब्त कर थाना ले जाने की सूचना मिली है। 

जानकारी के अनुसार चैनपुर के शाहपुर की ओर से एक मोटरसाइकिल पर दो युवक डालटनगंज की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कोयल पुल पर विपरीत दिशा से आ रही एक एम्बुलेंस से मोटरसाइकिल में टक्कर हो गयी। हादसे में मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गयी और चालक को चोटें आयी। घटना के बाद मोटरसाइकिल सवार दूसरा युवक आक्रोशित हो गया और एम्बुलेंस चालक से विवाद करने लगा। चालक का काॅलर पकड़ लिया। 

तू-तू, मैं-मैं होने के कारण पुल से गुजरने वाले वाहन दोनों तरफर रूकते गए। इससे देखते-देखते ही कोयल पुल पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर चैनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। इधर, शहर की ओर से भी पेट्रोलिंग जवान मौके पर पहुंचे और जाम में फंसे वाहनों को एक-एक कर बाहर निकाला। 


झामुमो की चुनावी संघर्ष यात्रा के तहत छत्तरपुर में चुनावी सभा  

झारखंड को बचाने के लिए राज्य से भाजपा को उखाड़ फेंकना होगा: हेमंत  

छतरपुर, 16 जनवरी : झारखंड मुक्ति मोर्चा की चुनावी संघर्ष यात्रा कल देर शाम छत्तरपुर पहुंची। छत्तरपुर के जपला मोड़ पर सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड का विकास यहां के मूलवासी आदिवासी से ही सम्भव है। रघुवर सरकार झारखंड के संसाधनों को पूंजीपतियों को सौंप रही है। राज्य को बचाने के लिए झारखंड को भाजपा मुक्त बनाना होगा। उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार हरेक मुद्दे पर फेल है और अपनी सफलता को गिनाने के नाम पर जनता के करोड़ों रुपए का दुरूपयोग कर रही है। श्री सोरेन ने लोगों को 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगने और भाजपा को झारखंड से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। 

मौके पर केन्द्रीय समिति सदस्य राकेश पासवान ने कहा कि मंडल डैम का शिलान्यास चुनावी स्टंट है। जब इस डैम का शिलान्यास 1972-73 में किया जा चुका है तो पुनः शिलान्यास करना समझ से परे हैं। यह सरकार का दिमागी दिवालियापन दिखलाता है। पूर्व प्रत्याशी विरेंद्र पासवान ने कहा कि वर्तमान विधायक ने छतरपुर विधानसभा को गर्त में डाल दिया है। योजनाओं के नाम पर सिर्फ शिलापट्ट रह गये हैं। कहीं विकास कार्य नजर नहीं आते।  

पार्टी के जिला उपाध्यक्ष चन्दन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि वर्तमान विधायक लोगों को सब्जबाग दिखाकर सता में बने रहना चाहते हैं। छतरपुर को सोननदी से पेयजल उपलब्ध कराने की बात हास्यपद लगती है। जो व्यक्ति 25 वर्ष विधायक रहते हुए करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी सुखनदिया का पानी उपलब्ध नहीं करा पाए, वे क्या सोन नदी से पानी लाकर यहां के लोगों की प्यास बुझा देंगे? यह सिर्फ चुनावी दिखावा है और किसी तरह फिर से विधायक बनने की जुगत भिड़ाने का षडयंत्र है। छत्तरपुर विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों गांव अभी भी सड़क और बिजली विहीन है। फिर किस आधार पर उन्हें उत्कृष्ट विधायक कहा जाता है, यह विचारणीय है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता छतरपुर प्रखंड अध्यक्ष अनुज कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन जिला उपाध्यक्ष चन्दन प्रकाश सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में अनुज कुमार सिंह, अमित कुमार सिंह, रविंद्र राम, अनिल सिंह चेरो, सुरेन्द्र सिंह खरवार, गिरिजा राम, उदय पासवान सहित हजारों कार्यकर्ता एवं श्रोता उपस्थित थे।