विपक्षी दलों की अहम बैठक में हुआ फाइनल माननीय हेमंत सोरेन होंगे झारखंड के अगले मुख्यमंत्री

रांची में झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के आवास पर विपक्षी दलों की अहम बैठक में हुआ फाइनल माननीय हेमंत सोरेन होंगे झारखंड के अगले मुख्यमंत्री उम्मीदवार हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लड़ा जाएगा विधानसभा लोकसभा का चुनाव बैठक में उपस्थित झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार राजद प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी एवं अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने माननीय हेमंत सोरेन जी को माना अपना नेता 30 जनवरी तक सीट शेयरिंग के फार्मूले हो जाएंगे तय.

झारखण्ड में महागठबंधन का क्या होगा स्वरुप ? कौन करेगा नेतृत्व ? सीटों के बंटवारे का फार्मूला क्या होगा ? यह चर्चा का विषय बना हुआ है. इसी चर्चा के बीच झारखण्ड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के आवास पर महागठबंधन में शामिल तमाम दलों के बड़े नेता जुटे। घंटो चली बैठक के बाद बाहर निकले नेताओं ने एक स्वर में गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की घोषणा की और 30 जनवरी को तमाम रणनीति की घोषणा की. बैठक में यह तय किया गया कि 30 जनवरी को प्रस्तावित बैठक के पूर्व अपनी पसंद की सीटों का ब्यौरा तथ्यों के साथ तैयार कर लिया जाये जिससे चर्चा में सुविधा हो. 

बैठक में सर्वसम्मति से हेमंत सोरेन को नेता माना गया. बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने कहा कि यह पहले ही तय हो चूका है कि हेमंत सोरेन के नेतृव में विधानसभा का चुनाव और कांग्रेस के नेतृव में लोकसभा का चुनाव लड़ा जायेगा। लेकिन सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर डॉ अजय कुमार ने कहा कि इस मसले पर अंतिम मुहर दिल्ली से ही लगेगी। 

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा  के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि 30 जनवरी तक हमलोग सीट शेयरिंग का फार्मूला तय कर लेंगे जिसकी घोषणा दिल्ली और झारखण्ड दोनों से होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसभा के साथ - साथ विधानसभा की सीट शेयरिंग पर भी फैसला झारखण्ड और दिल्ली दोनों से होगा। हेमंत सोरेन से जब पूछा गया कि आपको नेता चुना गया है इसपर क्या कहेंगे। इस सवाल के जवाब में हेमंत सोरेन ने कहा कि अब भी कहने को कुछ बचा है क्या ? 

झारखण्ड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने पर बल देते हुए कहा कि बीजेपी को सत्ता से बेदखल करना जरुरी है. इसके लिए यह तय हुआ कि हर हाल में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा जायेगा। एक सवाल के जवाब में बाबूलाल ने हेमंत सोरेन को झारखण्ड में महागठबंधन का नेता स्वीकार करने का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि हेमंत के बुलावे पर आएं हैं तो इसका मतलब आप निकाल सकते हैं. 

राजद के प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी ने स्पष्ट तौर पर लोकसभा और विधानसभा का चुनाव हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ही लड़े जाने की बात कही. 

बैठक में यह तय किया गया 30 जनवरी तक सारे मुद्दे को सुलझा लिया जायेगा और नेतृव के साथ - साथ लोकसभा / विधानसभा की सीट शेयरिंग सहित तमाम मुद्दों की घोषणा कर दी जाएगी।