लिखित आश्वासन मिलने के बाद ड़ताल समाप्ति की घोषणा हुई .पारा शिक्षकों ने कहा कि वार्ता सकारात्मक माहौल में हुई है.

रांचीः शिक्षा मंत्री डॉ. नीरा यादव के नेतृत्व में गठित कमेटी के साथ पारा शिक्षकों की वार्ता हुई. तीसरी दफा हुई ये बातचीत सकारात्मक साबित हुई. लिखित आश्वासन मिलने के बाद ड़ताल समाप्ति की घोषणा हुई .पारा शिक्षकों ने कहा कि वार्ता सकारात्मक माहौल में हुई है. कई बिंदुओं पर सहमति बनी. लिखित समझौता पत्र मिलने के बाद हड़ताल समाप्ति की घोषणा हुई.पारा शिक्षकों ने बताया कि शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में गठित कमेटी के साथ जो उनकी वार्ता हुई. उसमें मुख्य रूप से वेतनमान और स्थायीकरण पर कमेटी 3 माह तक विचार करेगी. पारा शिक्षकों ने इस मुद्दे पर कहा कि जब तक नियमावली नहीं बन जाती तब तक उनका न्यूनतम मानदेय 15 हजार किया जाना चाहिए. जबकि शिक्षा विभाग अधिकतम 15 हजार देने को तैयार है. इस मुद्दे पर जिच बरकरार है. साथ ही हड़ताल की अवधि के मानदेय पर भी जिच बनी रही.पारा शिक्षक मानदेय की मांग कर रहे थे, जबकि विभाग सेवा टूट नहीं होने की बात कह रही है. इसके अलावा आंदोलन के दौरान जिन पारा शिक्षकों का निधन हुआ है, उन्हें मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से जो एक लाख रुपये देने की घोषणा मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा की गई है, उसे कम से कम 2 लाख किया जाए. वहीं 3 लाख रुपये पारा शिक्षकों के कल्याण कोष से दी जाए. कुल मिलाकर मृत पारा शिक्षक के परिजनों को 5 लाख रुपये दिये जाए. उक्त बिंदुओं पर लगभग सहमति बन गई है.वार्ता में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सह झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह, विकास आयुक्त डीके सिंह व सुखदेव सिंह भी मौजूद थे. वहीं पारा शिक्षकों की ओर से संजय कुमार दुबे,बजरंग प्रसाद, दशरथ ठाकुर, हृषिकेश पाठक, सिंटू सिंह आदि शामिल थे. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की बैनर तले राज्यभर के 67 हजार पारा शिक्षक 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं.