शिक्षकों की नियुक्ति पर राज्य सरकार ने लगाई रोक, लोक सभा चुनाव के बाद फिर से होगी बहाली

शिक्षकों की नियुक्ति पर राज्य सरकार ने लगाई रोक, लोक सभा चुनाव के बाद फिर से होगी बहाली

राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने मार्च 2019 तक नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं करने का निर्णय लिया है। विभाग का कहना है कि प्रारंभिक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया अप्रैल 2019 से ही शुरू हो सकेगी। इसको लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशक विनोद कुमार निर्देश जारी कर दिया है। वैसे मई में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए अब शिक्षक नियुक्ति मई के बाद ही होने की संभावना है।

राज्य सरकार ने यह फैसला शिक्षकों के लिए बन रही नियुक्ति नियमावली को लेकर लिया है। नियुक्ति नियमावली तैयार होने में अधिकतम दो से तीन महीने का समय लगेगा। ऐसी स्थिति में टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास अभ्यर्थियों को अभी भी कम से कम साढ़े तीन महीने का इंतजार करना होगा। राज्य सरकार प्रारंभिक स्कूलों समेत अल्पसंख्यक व गैर सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति नियमावली तैयार करवा रही है। नियमावली अधिकतम 90 दिनों के अंदर तैयार कर लेना है। इस दौरान नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं होगी। इसके लिए जिलों को भी निर्देश दिया जा रहा है।

लोकसभा चुनाव के बाद ही शुरू हो सकेगी नियुक्ति प्रक्रिया : प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में नई नियुक्ति प्रक्रिया लोकसभा चुनाव के बाद ही शुरू हो सकती है। नई नियुक्ति पर शिक्षा विभाग की रोक मार्च 2019 तक की है, जबकि मार्च महीने में ही लोकसभा चुनाव की घोषणा हो जायेगी और आचार संहिता लग जायेगी। ऐसी स्थिति में अप्रैल-मई में भी नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने की संभावना कम नजर आ रही है।

27 हजार पदों पर होगी नियुक्ति : राज्य में प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में नई नियुक्ति