क्या झारखंड में होंगे लोकसभा और विधानसभा के एक साथ चुनाव

 चुनाव आयोग ने कहा, झारखंड में एक साथ नहीं होंगे लोकसभा और विधानसभा चुनाव

रांची : झारखंड में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ नहीं कराये जायेंगे. चुनाव आयोग ने बुधवार को रांची में यह स्पष्ट कर दिया. मुख्य चुनाव आयुक्त ने राजनीतिक दलों से चर्चा करने के बाद लोकसभा के साथ राज्य विधानसभा के चुनाव कराये जाने की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया.

होटल रेडिसन ब्लू में के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में एक राजनीतिक पार्टी के प्रतिनिधि ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा से इस संबंध में पूछा, तो उन्होंने साफ किया कि आयोग की ऐसी कोई तैयारी नहीं है. चुनाव आयोग सिर्फ लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहा है. बैठक में अधिकतर दलों ने झारखंड में दो या तीन चरणों में मतदान संपन्न कराने का सुझाव दिया.

 हालांकि, लालू प्रसाद की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक ही दिन सभी 14 लोकसभा सीटों पर चुनाव कराने की मांग की. ऐसा करने वाली वह इकलौती पार्टी थी.

कांग्रेस ने की अधिकारियों के तबादले की मांग

कांग्रेस पार्टी ने एक ही जगह पर कई साल से जमे अधिकारियों के तबादले की मांग की. कांग्रेस के प्रतिनिधि ने निर्वाचन आयोग के साथ बैठक के दौरान यह मुद्दा उठाया. वहीं, भाजपा के प्रतिनिधि विधायक सह पार्टी के मुख्य सचेतक राधा कृष्ण किशोर ने आयोग को सुझाव दिया कि पुराने मतदान केंद्रों को नहीं बदला जाये. अचानक बूथ बदल दिये जाने से मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई बार मतदाता वोट देने से भी वंचित रह जाता है.

भाजपा चुनाव के लिए तैयार

राधा कृष्‍ण किशोर ने आयोग की टीम से कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए तैयार है. उन्‍होंने यह भी बताया कि झारखंड सरकार के प्रयास से नक्सलवाद की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि राज्य में हाल में हुए उपचुनावों में कोई नक्सली हिंसा नहीं हुई. झारखंड का माहौल पहले के मुकाबले अब ज्‍यादा शांत और सुरक्षित है.

ज्ञात हो कि मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा की अगुवाई में चुनाव आयोग की एक टीम लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए झारखंड के दौरे पर आयी है. इस दौरान आयोग ने वरीय सरकारी पदाधिकारियों के अलावा राजनीतिक दलों से भी बातचीत की. शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराये जाने के बारे में अधिकारियों और राजनीतिक दलों के नेताओं की राय ली. उनके सुझावों और शिकायतों को भी दर्ज किया.

राजनीतिक दलों के साथ बैठक करने के बाद अब अधिकारियों के साथ चुनाव आयोग की बैठक चल रही है. इसमें आयकर, उत्पाद, वाणिज्य कर, परिवहन, रेलवे के अधिकारी और अन्य नोडल पदाधिकारी शामिल होंगे. झारखंड के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ चुनाव आयोग अलग से बैठक करेगा.

समीक्षा बैठक में भारत निर्वाचन आयोग से मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोरा, निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा, वरीय उप निर्वाचन आयुक्त उमेश सिन्हा, उप निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन, संदीप सक्सेना, चंद्र भूषण कुमार, महानिदेशक व्यय दिलीप शर्मा, महानिदेशक धीरेंद्र ओझा, प्रधान सचिव केएन भार तथा अपर मुख्य सचिव सह मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री एल ख्यांगते व अन्य उपस्थित हैं.