भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत दुनिया के कई देशों में इस बार कड़ाके की ठंड ने कई साल के रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं.

भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत दुनिया के कई देशों में इस बार कड़ाके की ठंड ने कई साल के रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं. इस सीजन में भारत के उन पहाड़ी इलाकों में भी भारी बर्फबारी हुई है, जहां 10 साल से बर्फबारी नहीं हुई थी. 
 
इसकी वजह आर्कटिक ब्लास्ट को बताया जा रहा है. आर्कटिक से ठंड यूरोप  व यूएस में फैल रही है, जो पश्चिमी विक्षोभ के साथ उत्तर भारत तक पहुंच रही है. आर्कटिक से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण अमेरिका का दो-तिहाई भाग हाड़ कंपाने वाली सर्दी की चपेट में है. कई जगहों पर तापमान -50 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है. नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक, अगले दो दिनों में शिकागो अंटार्कटिका से भी ठंडा हो सकता है.  
 
क्या है आर्कटिक ब्लास्ट : उत्तरी ध्रुव पर मौजूद अंटार्कटिक महासागर पृथ्वी पर सबसे ठंडी जगह है. यहां हर वक्त तापमान तकरीबन -89.2 डिग्री सेल्सियस रहता है. ठंड में तापमान गिरने पर अक्षांश वाले इलाकों में बर्फीला तूफान चलने लगता है. इससे पूरे इलाके में भारी बर्फ जम जाती है. इसे  आर्कटिक ब्लास्ट कहा जाता है.
 
शिकागो में बंदूक दिखाकर कई लोगों से उनके गर्म कोट और कपड़े लूट लिये गये हैं
 
विस्कॉन्सिन, मिशीगन, अलबामा में इमरजेंसी
 
आयोवा में लोगों को गहरी सांस लेने और कम-से-कम बात करने की दी गयी सलाह
 
पटरियों के किनारे जलायी गयी आग 
 
अमेरिका में ट्रेन संचालन बरकरार रखने के लिए पटरियों के किनारे आग जलानी पड़ रही है. शिकागो में जगह-जगह गैस फायर का इंतजाम किया गया है, ताकि बर्फ जमा न हो. लोग रेलवे स्टेशनों पर जहां-तहां फंसे हुए हैं. 
10 राज्यों में बर्फबारी
06 इंच तक गिरेगी बर्फ 
10 मिनट तक खुले में रहना जानलेवा, सर्दी से सुन्न हो सकते हैं अंग
3480 उड़ानें रद्द  
 06 राज्यों में पोस्टल सर्विस बंद
5.5 करोड़ लोग प्रभावित
 
ग्लोबल वॉर्मिंग प्लीज जल्दी आओ 
 
आने वाले दिनों में और भी ठंड बढ़ने की उम्मीदें हैं. लोग घर के बाहर एक मिनट भी नहीं रह सकते हैं. जलवायु परिवर्तन (ग्लोबल वॉर्मिंग) को हो क्या गया है. प्लीज जल्दी आओ, हमें इसकी जरूरत है. डोनाल्ड ट्रंप
 
इसका असर उत्तर भारत में भी 
 
मौसम विभाग के मुताबिक, आर्कटिक से निकलने वाली ठंड दक्षिणी यूरोप से उत्तर भारत की तरफ आ रही है. मौसम विभाग ने कहा कि जनवरी का अंतिम पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से टकराया है. इसका असर गुरुवार को महसूस किया जा सकता है. मौसम विभाग ने कहा कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) में बर्फबारी हो सकती है.
 
वहीं, उत्तर भारत के जमीनी इलाकों में बारिश होने की संभावना है. मौसम में बदलाव जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हुए ताजा पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हुआ है. इसकी वजह से पश्चिमी राजस्थान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इस वजह से हवा ने अपनी दिशा बदल ली है.