धनबाद जिला परिषद चेयरमैन की कुर्सी सुरक्षित, अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त

धनबाद जिला परिषद चेयरमैन की कुर्सी सुरक्षित, अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त

धनबाद:बीते कई दिनों से सदस्यों के निशाने पर रहे जिला परिषद अध्यक्ष रोबिन गोराई की कुर्सी शुक्रवार को सुरक्षित बच गई। शुक्रवार को उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर डीआरडीए सभागार में वोटिंग हुई, लेकिन प्रस्ताव ध्वस्त हो गया। कोरम के अनुसार 35 सदस्य भी उपस्थित नही हो पाए। बैठक में धनबाद के सभी छह विधायकों, धनबाद व गिरिडीह के सांसद, 9 प्रखंड प्रमुख और 29 जिला परिषद सदस्यों को हिस्सा लेना था, लेकिन कोई सांसद-विधायक नहीं पहुंचे। दूसरी ओर अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या के मामले में जेल में बंद विधायक संजीव सिंह पहुंचे, लेकिन बैठक की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद।

मालूम हो कि जिला परिषद चेयरमैन रोबिन गोराई के खिलाफ सदस्य दुर्गा दास ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था। बैठक में अशोक सिंह, दुर्गा दास, झुना मंडल, अंजना देवी, हसीना खातून, साहिस्ता परवीन, सीमा बाउरी, मीनाक्षी रानी गुडिय़ा, मुरारी मोहन, रेखा देवी समेत 15 सदस्यों ने हिस्सा लिया। वहीं बैठक छोड़कर बीच में ही नामित कर्मकार और हसीना खातून निकल गईं। डीसी ए दोड्डे और डीडीसी के निर्देशन में बैठक की प्रक्रिया पूरी हुई।

*अशोक सिंह बोले- जाएंगे कोर्ट:* जिला परिषद चेयरमैन रोबिन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद सदस्य अशोक सिंह ने कहा कि वे कोर्ट की शरण में जाएंगे। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदस्यों की निर्धारित संख्या से कम उपस्थिति के लिए सिंह ने चेयरमैन पर ही हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया। प्रस्ताव लानेवाले दुर्गा दास ने भी उनकी बातों का समर्थन किया।

*पत्नी को मिठाई खिलाकर रोबिन ने मनाया जीत का जश्न:* कुर्सी बचने के बाद रोबिन ने अपनी पत्नी अनीता गोराई को मिठाई खिलाई। इस पूरे प्रकरण में उनकी पत्नी ढाल बनकर उनके सामने खड़ी रहीं। इधर, दुर्गा और अशोक सिंह के आरोपों के जवाब में रोबिन ने कहा कि वे अब हार चुके हैं। उनके पास बोलने के लिए कुछ बचा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव कितना मजबूत था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बैठक में चेयरमैन पद के दावेदार दुर्योधन चौधरी तक नहीं पहुंचे।

*बैठक से पहले चला चाय-नाश्ते का दौर, मुखियों ने बनाई रणनीति:* बैठक से ठीक पहले रणधीर वर्मा चौक पर मुखियों ने गुप्त बैठक की। यहां एक-दूसरे को मैनेज करने का भी खेल ढंग से चला।

*गुरुवार को देर रात तक चलता रहा शत-मात का खेल:* जिप अध्यक्ष रोबिन गोराई के खिलाफ  अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर उनके विरोधी पक्ष ने गुरुवार को देर रात तक पूरी तैयारी की। शह-मात के इस खेल में गुरुवार को बरवाअड्डा क्षेत्र चर्चा में रहा। यहां पक्ष-विपक्ष के नेताओं का पूरे दिन आना जाना लगा रहा। दोनों पक्षों के लोग एक-एक सदस्य पर नजर रख रहे थे। वहीं विभिन्न प्रखंडों के आठ प्रमुखों ने गुरुवार को बरवाअड्डा में बैठक कर अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ  मतदान करने का निर्णय लिया। प्रखंड प्रमुखों का नेतृत्व गोविंदपुर प्रखंड प्रमुख झुना मंडल के पति गौतम मंडल कर रहे थे। वहीं जिप सदस्यों ने गुरुवार देर रात तक बरवाअड्डा में बैठक कर अविश्वास प्रस्ताव की रणनीति बनाई। बैठक में पवन महतो एवं दुर्योधन चौधरी ने अविश्वास प्रस्ताव के  प्रस्तावक दुर्गा दास से एक-एक सदस्य की जानकारी ली थी। दुर्गा दास ने 37 सदस्यों के समर्थन का दावा भी किया था। बैठक में जिप सदस्य रेखा देवी, गौर बाउरी, अमान अंसारी, संतोष महतो समेत अन्य कई मौजूद थे।