बड़ी खबर : झारखंड में रोड टैक्स दोगुना, दूसरी गाड़ी ली तो 3% अतिरिक्त कर

बड़ी खबर : झारखंड में रोड टैक्स दोगुना, दूसरी गाड़ी ली तो 3% अतिरिक्त कर :

झारखंड में वाहन खरीदना महंगा हो गया है। परिवहन विभाग ने निजी और व्यावसायिक गाड़ियों के रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन फीस और फिटनेस टैक्स में 100 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी है। वहीं बस परमिट में 10 गुना बढ़ोतरी हुई है। विभाग ने सोमवार को आदेश जारी किया। इसके साथ ही नई दर तत्काल प्रभाव से लागू हो गई।

अगर आपके पास एक गाड़ी है और दूसरी खरीद रहे हैं तो छह फीसदी रोड टैक्स के अतिरिक्त तीन फीसदी और टैक्स देना होगा। 15 लाख रुपए से ऊपर की गाड़ी हुई, चाहे वह आपकी पहली ही हो, उस पर छह फीसदी रोड टैक्स के बाद तीन फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगेगा। निजी वाहनों पर रोड टैक्स की गणना पहले जीएसटी समेत मूल्य पर होती थी। अब यह गणना जीएसटी रहित मूल्य पर होगी। दो पहिया वाहनों का अस्थाई निबंधन शुल्क 50 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए कर दिया गया है।

चार पहिया वाहनों का 100 से बढ़ाकर 400 रुपए कर दिया गया है। दो पहिया वाहन या चालक सहित पांच सीट वाले निजी वाहनों से कीमत का छह फीसदी रोड टैक्स वसूला जाएगा, जो पहले तीन फीसदी था। इसी तरह 12 सीट क्षमता वाले निजी वाहनों से अब चार की जगह आठ फीसदी रोड टैक्स लिया जाएगा। 12 साल या इससे ज्यादा पुराना व्यावसायिक वाहन और 15 साल से पुराने निजी वाहनों से 10 फीसदी हरित कर की भी वसूली की जाएगी।

पहले निजी वाहन मालिकों से 15 साल के लिए एकमुश्त रोड टैक्स की वसूली होती थी, अब व्यावसायिक वाहनों से भी 15 साल के लिए एकमुश्त टैक्स वसूली की जाएगी। बैटरी से चलने वाली गाड़ियों पर टैक्स में 25 फीसदी छूट मिलेगी। ट्रैक्टर पर जीएसटी सहित खरीद मूल्य का चार फीसदी एकमुश्त भुगतान करना होगा। ट्रैक्टर के साथ अगर ट्रेलर है तो एक बार में ही पांच हजार रोड टैक्स की वसूली की जाएगी। नि:शक्तों को रोड टैक्स नहीं लगेगा।

ऑटो के लिए एकमुश्त नौ हजार लगेंगे : 

चालक को छोड़कर चार यात्रियों की क्षमता वाले ऑटो से निबंधन के समय 15 साल के लिए एकमुश्त नौ हजार रुपए टैक्स का भुगतान करना होगा। पहले हर साल टैक्स की वसूली की जाती थी। वहीं वाहन निर्माता कंपनी या डीलर से दोपहिया वाहन के लिए 200 रुपए, भारी वाहन व चेसिस के लिए 400 रुपए और अन्य वाहनों के लिए 300 रुपए देने होंगे।

किस्तों में हो सकेगा जुर्माने का भुगतान : 

बस को पहिए के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है।  रोड व अन्य कर सहित साधारण बसों पर 650 रुपए, सेमी डीलक्स पर 820 रुपए और डीलक्स पर 975 रुपए प्रति सीट के हिसाब से टैक्स लगेगा। पहले 125 रुपए प्रति सीट के हिसाब से टैक्स लगता था। वहीं बस परमिट शुल्क 600 से बढ़ाकर 6000 रुपए और बस फिटनेस शुल्क 400 से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया गया है।

   किस्तों में हो सकेगा जुर्माने का भुगतान : 

परिवहन विभाग ने निजी और व्यावसायिक वाहनों से जुर्माना वसूली में लचीला रुख अपनाया है। बड़े वाहनों पर जुर्माना राशि 50 हजार, ऑटो पर 10 हजार और हल्के वाहनों पर 25 हजार या ज्यादा हे तो राज्य परिवहन आयुक्त स्तर के अधिकारी किस्तों में भुगतान की अनुमति दे सकता हे। लेकिन यह चार से अधिक किस्त नहीं होगा। अफसरों को आवेदन के 60 दिन के भीतर इस पर फैसला लेना होगा।