श्री राम चरित मानस नवाह्न परायण पाठ महायज्ञ 43 वाँ अधिवेशन बारालोटा जनकपुरी मंदिर में हुआ।

श्री राम चरित मानस नवाह्न परायण पाठ महायज्ञ 43 वाँ अधिवेशन बारालोटा जनकपुरी मंदिर का आज आठवां दिन हुआ आज सुविख्यात वक्ता  संकीर्तन सम्राट विनोद पाठक जी मानस माधुरी , राजकुमारी जी और श्री रागनी पराशर जी,अरुण शास्त्री जी के  मुखारविंद से पूरा जनकपुरी भक्ति में हुआ।

नवजवान संघर्ष मोर्चा के राकेश तिवारी ने श्री विनोद  पाठक जी को माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया और कहा कि जनकपुरी का यह 43 वां अधिवेशन है जोकि समस्त ग्रामीणों के सहयोग से यह जग संपन्न होता है और यज्ञ अध्यक्ष सुधीर तिवारी आज लगातार 3 वर्षों से इस पद को सुशोभित कर रहे हैं और सफल आयोजन कर जनकपुरी से श्रीरामचरितमानस के संस्कारों  की गंगा बहाने में इनकी अहम भूमिका है,आज के ईस युग मे संस्कार ही मात्र एक ऐसा रास्ता है जिससे पूरा देश फिर से विश्व गुरु बनेगा*

  

*संकीर्तन सम्राट श्री विनोद पाठक जी ने कहा छोटा परिवार सुखी परिवार नहीं बल्कि संस्कारी परिवार सुखी परिवार होता है रावण उत्तम खानदान पुलस ऋषि का नाती है शिव और ब्रह्मा जिसकी पूजा करते हैं लेकिन रावण के खानदान में संस्कार नहीं है इसीलिए रावण पराई नारी सीता को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कई प्रलोभन देता है और उसी की बहन सूप नखा पर पुरुष राम जी को अपनी ओर  संदेश देकर आकर्षित करती है संस्कार से व्यक्ति बड़ा होता है संस्कार से व्यक्ति महान बन जाता है रामचरितमानस संस्कारशाला है आज हर प्रकार के प्रदूषण को मिटाने के लिए यंत्र बन चुके हैं परंतु विचार प्रदूषण को मिटाने के लिए एकमात्र यंत्र राम चरित मानस का पंडाल है*


*मानस कोकिला रागनी पराशर जी ने कहा वैसे तो आज हमारे समाज में यह देखा जा रहा है कि आजकल हम लोग कथा तो बहुत सुनते हैं और कथा को सुनने के साथ साथ हमारे  गोस्वामी जी कहते है कि उस कथा का मनन चिंतन विचार अवश्य करना चाहिए क्योंकि जब तक हम इसका अध्ययन करने के साथ-साथ अपने जीवन में नहीं उतारेंगे  तब तक समाज आगे नही बढ़ेंगा*

 वहीं मानस माधुरी राजकुमारी जी ने आज हमारे देश में जो हमारे देश के जवानों के साथ में हुआ उस पर  कहा कि सभी संत-समाज दुःखी है भारत के जो हमारे शहीद हुए हैं जवान  आप लोगों को कुछ ना कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे कि आतंकवाद रोका जाए और यह आतंकवाद नहीं होना चाहिए क्यों कि इससे हमारे देश का नुकसान हो रहा है स्थाई शांति के लिए कभी कभी युद्ध भी आवश्यक हो जाता है।

  यज्ञ के अध्यक्ष सुधीर तिवारी संचालन समिति अध्यक्ष जितेंद्र तिवारी राजनाथ तिवारी सत्येंद्र तिवारी