नफ्स को आती है जिस्म को नही। मौलाना सैयद अली जाफर

 नफ्स को आती है जिस्म को नही। मौलाना सैयद अली जाफर 

हुसैनाबाद झारखंड सदर इमामबारगाह मे बराए इसाल-ए-सवाब मरहुमा नौरोज़ी बेगम बिन्ते इसहाक हुसैन की मजलिस-ए-चेहलूम को खिताब फरमाया,मजलिस की नेज़ामत हैदर अली ने की व सोज़ख्वानी नसरू हुसैन व गालिब हुसैन ने की।इसके बाद खेताब फरमाते हुए मौलाना जाफर अली रिज़वी ने कहा की मौत नफ्स को आती है क्योंकी इन्सान दुनिया मे ख्वहिसात नफ्स के ही खातिर ही जीता है।लेहाजा खुदा नफ्स को ही मौत देता ताकी इन्सान गौर व फिक्र कर सके की दुनिया की हक़िकत कुछ भी नही है मौत के सामने।दिल्ली से आये हुए मौलाना सैयद जाफर अली रिज़वी ने बताया की जो राहे मुस्तकीम पर चल निकला वो दुनिया वा आखेरत दोनो जगह कामयाब है।हुसैनाबाद की तारिख साज बस्ती मे हजारों की संख्या मे लोग मौजुद थे।मजलिस-ए-चेहलूम सैयद वक़ार हुसैन की जानिब से बरगुज़ार हुआ जिसमे उनके तमाम दोस्त व अहबाब मौजुद रहें व दीगर लोगों ने मरहुमा का पुरसा पेश किया जिसमे सैयद राजा हुसैन,सैयद अनवर हुसैन,सैयद अफसर हुसैन,सैयद इज़हार हुसैन,मौलाना सैयद फिरोज़ मेहंदी साहब क़िब्ला,सैयद मूसवी रज़ा साहब क़िब्ला,इक़बल हुसैन,फिरोज़ हुसैन,तक़ी हुसैन कर्रार हुसैन,सैयद अलसबा हुसैन समेत काफी तादात मे लोग मौजुद रहे।