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जेवीएम के 6 विधायकों का दलबदल मामला: स्पीकर ने भाजपा में विलय को दी मंजूरी

जेवीएम के 6 विधायकों का दलबदल मामला: स्पीकर ने भाजपा में विलय को दी मंजूरी

रांची: लगभग 4 साल से झारखंड असेंबली में जेवीएम के दलबदल करने वाले विधायकों के मामले पर फैसला आ गया है। स्पीकर दिनेश उरांव ने इस मामले में जेवीएम के छह विधायकों के बीजेपी में विलय को सही ठहराया है।

 स्पीकर दिनेश उरांव ने जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी और पार्टी के प्रधान महासचिव प्रदीप यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन विधायकों के खिलाफ दसवीं अनुसूची के आधार पर कार्रवाई की मांग की गई थ। स्पीकर ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद यह फैसला लिया गया है।

बीजेपी की तरफ से वकील विनोद कुमार साहू ने कहा कि छह विधायकों के विलय के दावे को सही माना है। वहीं, जेवीएम के वकील आरएन सहाय ने कहा कि पार्टी नेताओं से विमर्श कर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जेवीएम का विलय बीजेपी में हो गया है तो ऐसे में बाबूलाल मरांडी किस दल में हैं। वहीं, पार्टी के केंद्रीय महासचिव खालिद ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है।

 दरअसल 2014 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद फरवरी 2015 में झारखंड विकास मोर्चा के 6 विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। उन विधायकों में आलोक चौरसिया, अमर बाउरी, रणधीर सिंह, जानकी यादव, गणेश गंझू और नवीन जायसवाल के नाम शामिल है।इनमें से दो मौजूदा सरकार में मंत्री हैं, जबकि 3 अलग-अलग बोर्ड और निगम में शीर्ष पद पर तैनात है। वहीं, अन्य एक को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

बता दें कि 2015 में दलबदल विधायकों के खिलाफ झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने स्पीकर के यहां शिकायत दर्ज कराई थी। साथ ही उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। जून 2017 तक इस मामले में गवाही पूरी हुई और 12 दिसंबर 2018 को इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली गई।

   हालांकि विपक्ष में बैठने वाली कांग्रेस और झारखंड विकास मोर्चा ने बताया कि इस मामले में फैसला आते-आते काफी देर हो चुकी है।जबकि बीजेपी ने कहा कि फैसला निष्पक्ष और पूरी सुनवाई के बाद आ रहा है।