झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी पर न्यायालय में परिवाद दायर, जानिए क्या है मामला

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी पर न्यायालय में परिवाद दायर, जानिए क्या है मामला

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी पर न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है।...

गढ़वा, संवाददाता

जिले के कांडी प्रखंड स्थित सतबहिनी झरना तीर्थस्थल पर वर्चस्व कायम करने की लड़ाई काे ले दो गुटों के बीच चल रहा विवाद न्यायालय में पहुंच गया है। इस मामले में कांडी थाना क्षेत्र के

बेलोपाती गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक मुरलीधर मिश्र ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी समेत चार के विरुद्ध व्यवहार न्यायालय में बुधवार को परिवाद दायर किया है।

                  जानें क्या है मामला

मुरलीधर मिश्र ने सिविल कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी विशाल मांझी की अदालत में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, भाजपा नेता रामलला दूबे, स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव जयप्रकाश शर्मा एवं सरकोनी निवासी अजय सिंह के विरुद्ध परिवाद पत्र दायर किया है। इनके द्वारा स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी समेत चार लोगों के विरुद्ध दायर परिवाद पत्र में भादवि की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 385, 295ए, 500, 504, 506 एवं 120बी के मामला दर्ज कर मुकदमा चलाने की प्रार्थना की गई है। वादी मुरलीधर मिश्रा ने स्वास्थ्य मंत्री व उनके तीन सहयोगियों पर बुधवार से प्रस्तावित यज्ञ में बाधा डालने की कोशिश करने के साथ-साथ कथित जाली कागजात के आधार पर संस्था रजिस्टर्ड कराने का आरोप लगाया है। इनके द्वारा दायर परिवाद पत्र के अनुसार वर्ष 2010 में पूर्व में मृत लोगों का जाली हस्ताक्षर कराकर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन करवाया गया है। और जिनके हस्ताक्षर से ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन कराया है।

उनमें से पांच  दर्जन से अधिक लोगों ने कोर्ट में लिख कर दिया है कि उनलोगों को ट्रस्ट गठन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने परिवाद पत्र में लिखा है कि मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने ट्रस्ट के कथित फॉर्म भरने के दौरान में लिखा है सतबहिनी में कोई मंदिर नहीं है। वहां पर मंदिर का भग्नावशेष है। जबकि वहां खूबसूरत मां सतबहिनी मां का मंदिर है और मंदिर की देखरेख के लिए 2001 से सतबहिनी में एक संस्था है। जहां सालाना 25 लाख से पचास लाख तक की आमदनी होती है। जबकि मंत्री ने अपने फॉर्म में आय शून्य दिखाया है। मुरलीधर मिश्र ने मंत्री पर भरी सभा में अपमानित करने तथा धमकी देने का भी आरोप लगाया।

  स्वास्थ्य मंत्री बोले, आरोप निराधार

मुझ पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। सरकार सतबहिनी झरना तीर्थस्थल को पर्यटन स्थल घोषित कर उसके विकास के लिए करोड़ो रूपये खर्च कर रही है। उस परिसर में जो भी हो रहा है, वह सरकारी प्रावधान के तहत हो रहा है। अगर कोई विवाद उत्पन्न करना चाहता है तो बहुत जल्द दूध का दूध और पानी का पानी  होकर सबके सामने आ जाएगा। क्योंकि सब कुछ पारदर्शी और नियम संगत हो रहा है।


-रामचंद्र चंद्रवंशी, स्वास्थ्य मंत्री, झारखंड।