पलामू में नक्सलियों पर पुलिस हावी, पहले मुठभेड़ को एक को मार गिराया फिर भेजा एक एरिया कमांडर सहित तीन नक्सलियों को जेल


डालटनगंज 11 फरवरी: नक्सल प्रभावित पलामू जिले में नक्सलियों अब खैर नहीं रही। तीन दिन पहले जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के झुनझुनू पहाड़ी पर मुठभेड़ में एक शातिर नक्सली को मार गिराने और एक महिला नक्सली को जिंदा पकड़ने की घटना के बाद रविवार को इसी घटना में शामिल एक एरिया कमांडर सहित तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। इन नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोलियां बरामद की गयी है। 

विदित हो कि गत आठ फरवरी को झुनझुनू पहाड़ी पर प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के इनामी नक्सली राकेश भुइयां के दस्ते के साथ पुलिस और सीआरपीएफ की भीषण मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई में एक सबजोनल कमांडर महेश भोक्ता मारा गया था, जबकि एक महिला नक्सली को जख्मी अवस्था में जंगल से गिरफ्तार किया गया था। महिला नक्सली की कमर में गोली लगी थी। महिला नक्सली नाबालिग है और उसका इलाज सीआरपीएफ द्वारा कराया जा रहा है। शनिवार को सीआरपीएफ जवान गुलजार ने महिला नक्सली को खून भी दिया है। 

एरिया कमांडर सहित तीन गिरफ्तार, हथियार और गोलियां बरामद

पलामू रेंज के डीआईजी विपुल शुक्ला ने बताया कि मुठभेड़ के बाद घायल और फरार नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि मुठभेड़ में शामिल एरिया कमांडर राजेश यादव तेनुडीह और हुलसी इलाके में छिपा हुआ है। सूचना पर प्रशिक्षु डीएसपी विमलेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम बना कर कार्रवाई की गयी और राजेश यादव को तेनुडीह से धर दबोचा गया। 

साथी के मारे जाने और घायल होने से घबरा गया था एरिया कमांडर

राजेश यादव ने मुठभेड़ की आपबीती पुलिस को सुनाते हुए कहा कि घटना के दौरान एक साथी के मारे जाने और अन्य के घायल होने पर वह काफी डर गया था। उसने अपने हथियार पहाड़ की तलहटी में छिपाकर घायल साथियों को लेकर निकल गया। डीआईजी ने कहा कि राजेश यादव काफी शातिर नक्सली और उस मुठभेड़ में एक हिस्से से यह लिड कर रहा था। राजेश की निशानदेही पर एक वन मार्क थर्ड का पुलिस राइफल, 52 गोलियां, पांच पीस डोटेनेटर, नक्सली साहित्य और संविधान, दैनिक उपयोग की चीजें आदि बरामद की गयी हैं। राजेश यादव पर नौडीहा बाजार और छत्तरपुर थाने में तीन-तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि मारे गए नक्सली महेश भोक्ता पर आधा दर्जन आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज थे। 

छोटे हुए नक्सली दस्ते 

डीआईजी ने कहा कि लगातार कार्रवाई किए जाने से नक्सली दस्ता काफी छोटा हो गया है। 15 से 20 लोग ही अब एक दस्ते में नजर आ रहे हैं, जो दर्शाता है कि नक्सली काफी कमजोर हुए हैं। बड़े दस्ते में नक्सली बड़ी घटना कर सकते हैं, लेकिन अब ऐसा होता नहीं दिख रहा है। अब कोई नक्सली नहीं बनना चाहता। यह भी सूचना है कि नक्सली जबरन कुछ लोगों को उठा ले गए हैं, उनकी बरामदगी के लिए छापामारी चल रही है। नौडीहा की घटना से पुलिस को बड़ा घटका लगा है।   

दो माओवादी समर्थक धराए, हथियार और बारूद बरामद

जिले के पुलिस अधीक्षक इन्द्रजीत माहथा ने बताया कि एरिया कमांडर की गिरफ्तारी के बाद सूचना मिली कि दो युवकों ने नक्सलियों को भगाने और उन्हें संरक्षण देने का काम किया है। छापामारी कर नौडीहा बाजार से सटे नावाजयपुर थाना क्षेत्र के बुढ़ी गांव से दो माओवादी समर्थकों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से नक्सलियों द्वारा छुपाए गए तीन देसी बंदूक, लोहे का छर्रा, लोहे का टुकड़ा, दो मोबाइल सहित अन्य सामान बरामद किए गए। 

सीआरपीएफ-जिला पुलिस का गठजोड़ रहा बेजोड़

आठ फरवरी से लेकर 10 फरवरी तक चले अभियान में सीआरपीएफ की 134 बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई काबिल-ए-तारीफ रही। सीआरपीएफ कमांडेंट सतीश कुमार लिंडा और एसपी इन्द्रजीत माहथा खुद आॅपरेशन को लीड करते रहे। उनके साथ एएसपी अभियान अरूण कुमार सिंह, छत्तरपुर डीएसपी शंभू कुमार सिंह के अलावा सीआरपीएफ अधिकारियों का तालमेल बेजोड़ रहा, नतीजा नक्सलियों के मंसूब ध्वस्त हो गए।