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सोचा नहीं था कि ऐसा भी दिन देखने को मिलेगा,जहां धर्म स्थल व जनता को दो भागों में विभाजित कर दिया जाएगा।

*सतबहिनी में दो यज्ञशाला देख भड़के -ददई दुबे


संवाददाता-विवेक चौबे।                                       गढ़वा : जिले के कांडी प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल पर यज्ञ का आयोजन की खबर जानकर ददई दुबे पहुंचे यज्ञ स्थल।एक ही तिथि पर दो यज्ञ का आयोजन सुनकर कांग्रेस के दिग्गज नेता व झारखण्ड सरकार के पूर्व मंत्री-ददई दुबे को नहीं रहा गया।पूर्व विकास समिति व हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड के तत्वधान में दो यज्ञ एक साथ प्रारम्भ…..अंतर केवल इतना है कि एक नदी से पूरब की ओर व दूसरी पश्चिम की ओर।एक ही स्थान पर दो यज्ञ एक साथ शुरू व दो स्थानों पर अलग-अलग यज्ञ शाला देख भड़के ददई दुबे।कुछ देर तक तो वे बिल्कुल ही सन्न रह गए।उन्होंने दुःख जताते हुए कहा कि सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल की स्थिति बहुत ही दूर्भाग्यपूर्ण हो गयी है।आशा नहीं था ऐसा,ना ही विश्वास……सोचा नहीं था कि ऐसा भी दिन देखने को मिलेगा,जहां धर्म स्थल व जनता को दो भागों में विभाजित कर दिया जाएगा।धर्म स्थल को भी मंत्री ने नहीं छोड़ा,कर दिया दो टुकड़ा……उक्त सभी बातें कांग्रेस नेता व झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री चंद्रशेखर दूबे उर्फ ददई दूबे ने कही।पूर्व मंत्री ददई दुबे ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री-रामचन्द्र चंद्रवंशी जी विश्रामपुर विधानसभा के वर्तमान विधायक व झारखंड सरकार के मंत्री हैं।उन्हें दोनो पक्षों को साथ लेकर एक ही जगह यज्ञ करना चाहिए था,जिसकी शोभा कुछ और होती।उन्होंने कहा कि मां सतबहिनी के मंदिर को विवाद में डालने का हक किसी को नहीं हैं।उन्होंने कहा कि इस मंदिर को बनाने में हमारी जो कुर्बानी रही है,वह इस क्षेत्र की पूरी जनता जानती है।उन्होंने कहा कि हम भी इस क्षेत्र के विधायक, मंत्री व झारखंड के सांसद रहे हैं।हम भी चाहते हैं कि सतबहिनी का विकास हो , ताकी देश के लोग यहां की महिमा को जानें।लेकिन चंद्रवंशी जी उक्त आकर्षक व जन जन के आस्था के केंद्र को दो टुकड़ों में विभाजित कर दिया।ददई दुबे ने कहा कि मंत्री जी यहां की स्थिति को समझ नहीं पा रहे हैं।रामचंद्र चंद्रवंशी ने जनता को दो भागों में विभाजित कर दिया…….उन्होंने कहा कि अयोध्या को देख रहे हैं न की विवाद हो जाने के बाद क्या स्थिति हो जाता है ।उन्होंने कहा कि यहां की स्थिति को देखकर मैं बहुत दुखी हूँ।ददई दूबे दोनों यज्ञ में गये व दोनो जगहों के कमिटी के लोगों से कहा कि पूजा दो जगह नहीं अलग अलग नहीं होना चाहिए था।