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रोहित के शव के साथ ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

रोहित के शव के साथ ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

परिजनों ने लगाया पुलिस पर पिटाई का आरोप

पलामू सम्वाददाता

22 फरवरी को पुलिस की पिटाई से घायल रोहित की रिम्स में इलाज के दौरान हुई मौत , रोहित के परिजनों व ग्रामीणों ने आरोपी पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर गिरफ्तार करने व मुआवजे 

को लेकर किया सड़क जाम , परिजनों की माने तो शराब की नशे में धुत पुलिस कर्मी ने बंदूक से उसके सिर में जख्मी कर दिया उसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई , मौके पर पूर्व मंत्री के.एन त्रिपाठी , समाज सेवी जुगल किशोर , आप पार्टी के कौशल किशोर बच्चन, कॉंग्रेस ज़िला अध्यक्ष बिटू पाठक समेत कई लोग पहुँचकर ज़िला प्रशासन के 

खिलाफ विरोध जताया।मालूम हो कि 22 फरवरी को नावा जयपुर के रोहित कुमार अपने साथियों के साथ बाइक से जा रहा था इसी बीच वाहन चेकिंग के नाम पर पुलिसकर्मियों ने रोका और राइफल की बल से शिर पर मार दिया जिससे वह लहूलुहान हो गया । पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल डालटनगंज भेजा जहाँ उसे चिकित्सकों के द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स , रांची रेफर कर दिया गया। जहाँ इलाज के दौरान 26 फरवरी की शाम में उसकी मौत हो गई।  27 फ़रवरी की शाम में उसका शव घर पहुचाँ। घर पहुँचते ही ग्रामीणों में आक्रोश फूट पड़ा और आज सुबह शव के साथ सड़क जाम कर दिया गया ।

डीएसपी के आश्वाशन पर हटा जाम ।

जाम की सूचना मिलने पर लेस्लीगंज के डीएसपी अनूप बड़ाईक व पाटन सीओ ने मौके पर परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर 5 घंटे बाद घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मी पर प्राथमिकी दर्ज कराने और परिजनों को पीएम आवास देने , मृतक के पत्नी को आंगनबाड़ी सेविका बनाने और पारिवारिक लाभ देने के आश्वासन के बाद जाम हटा। डीएसपी ने घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि रोहित की मौत दुर्घटना से हुई है या पुलिस की पिटाई से ।