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बिना हेलमेट चलने वालों पर कार्रवाई, पुलिस जवानों को छूट क्यां

                बिना हेलमेट चलने वालों पर कार्रवाई, पुलिस जवानों को छूट क्यां

छत्तरपुर, 28 फरवरी : छत्तरपुर अनुमण्डल मुख्यालय में थाना गेट के पास टू व्हीलर चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व प्रशिक्षु आईपीएस सह थाना प्रभारी विनीत कुमार ने किया। बिना हेलमेट चालक लाइसेंस नहीं होने पर मोटरसाइकिल चेकिंग अभियान में लगभग 70 से 80 मोटरसाइकिलों को जप्त किया गया, लेकिन क्या यह नियम केवल आम नागरिकों तक ही सीमित है? कानून का पालन कराने वालों के लिए यह नियम लागू नहीं होता?

                     रखवाले ही उड़ाते हैं कानून की धज्जियां

छत्तरपुर थाना क्षेत्र में कानून के पाठ पढ़ाने वाले खुद कानून तोड़ रहे है, जिसका सबूत खुद सामने दिख रहा है।  इलाके में रोजाना छत्तरपुर थाना से बाइक पेट्रोलिंग के लिए 10 से 15 पुलिस जवान निकलते हैं, पर एक भी जवान के सिर पर हेलमेट नहीं दिखता है। मतलब वही की दूसरांे के लिए कानून, अपने लिए कोई कानून नही, यही है छत्तरपुर पुलिस की असलियत। बिना हेलमेट पकड़े गए नागरिकों को आारोप है कि कानून सबके लिए बराबर है, लेकिन इस क्षेत्र में दो तरह के कानून चलते हैं। जिसके शरीर पर वर्दी नहीं होता, वह आरोपी होता और जो खाखी में होता है, उसे कानून तोड़ने की छूट दी जाती है।

                       कानून सबके लिए एक समान: एसडीपीओ  

छत्तरपुर एसडीपीओ शम्भू कुमार सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि कानून सबके लिए समान है, चाहे वो आम नागरिक हो या प्रधानमंत्री हो। सबको कानून का पालन करना है। पत्रकारों के पूछे जाने पर क्या आम नागरिक को हेलमेट पहनना है और पुलिस जवान, जोे पूरे क्षेत्र में बिना हेलमेट पहने भ्रमण करते हैं। उनके लिए यह लागू नहीं होती। इस पर उन्होंने कहा कि नहीं, उन्हें भी हेलमेट पहनना है। अगर जवान बिना हेलमेट पहने दो पहिया वाहन से पेट्रोलिंग करता है या फिर उसे चलाता है तो उसे भी हेलमेट पहन कर चलना है। जवानों द्वारा बिना हेलमेट वाहन चलाने का मामला उनके संज्ञान में भी आया है। थाना प्रभारी से मिलकर इस मामले में बात की जायेगी और शत-प्रतिशत यातायात नियम का पालन कराया जायेगा।

 

  अधीक्षक के आदेश का नहीं हुआ पालन , चार माह से थाना दिवस बंद, रोज हो रहे भूमि विवाद

छत्तरपुर, 28 फरवरी : गांव और टोलों में होने वाले छोटे-मोटे जमीन से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए जिले के थानों में थाना दिवस आयोजित किया जाता है। लेकिन जिले के छत्तरपुर थाना में पिछले चार माह से थाना दिवस का आयोजन नहीं किया जा रहा है। नतीजा विवादों की संख्या जहां काफी बढ़ गयी है, वहीं अधिकतर मामले न्यायालय तक पहुंच चुके हैं। लोगों की परेशानी काफी बढ़ गयी है।

पिछले चार माह से छतरपुर में मंगलवार को होने वाला थाना दिवस बंद है। लेकिन छतरपुर पुलिस हर सप्ताह नियमित रूप से थाना दिवस होने और मामले सुलझाने की झूठी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज रही है। दो सप्ताह पूर्व पलामू एसपी जब छतरपुर आये थे तो उन्हें यह बात पता चला था और उन्होंने हर हाल में, हर मंगलवार को थाना दिवस आयोजित के कड़ा निर्देश संबद्ध अधिकारियों को दिये थे। लेकिन एसपी के निर्देश को संबद्ध अधिकारियों ने अभी तक ताक पर रखा हुआ है।

थाना दिवस होने के कारण भूमि और अन्य विवादों को लेकर झगड़े और फौजदारी की घटनायें बढ़ी हैं। जो विवाद महज पांच मिनट में सुलझाये जा सकते थे, उनके लिए गरीब परिवारों को कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पिछले चार माह में भूमि विवाद के सौ से अधिक मुकदमे थाना और कोर्ट में दायर हुये हैं।

इस बावत पूछे जाने पर डीएसपी शंभू कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस की व्यस्तता के कारण थाना दिवस नहीं हो पा रहा है, जिसे जल्द ही शुरू करवाया जाएगा।

                                             पैदल पथ पर पुलिस का बोर्ड, आने-जाने में होती है भारी परेशानी

छत्तरपुर, 28 फरवरी : छत्तरपुर प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन थाना गेट से सटे पैदल पथ पर छत्तरपुर थाना का बोर्ड भारी अवरोधक बना हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि सिविल और पुलिस प्रशासन द्वारा मिलकर चैक चैराहों बाजार क्षेत्र से अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है, लेकिन पुलिस द्वारा थाना गेट के सामने पैदल पथ पर छत्तरपुर थाना का बोर्ड लगा हुआ है, जिससे पैदल सड़क का अतिक्रमण हो गया है। बोर्ड लगने रहने के कारण इस पैदल पथ पर आने-जाने में ग्रामिणो को काफी कठिनाई की सामना करना पड़ता है। छत्तरपुरवासियो का कहना है कि एनएच 98 पथ काफी ब्यस्तम पथ हो गया है। पथ पर चलने में दुर्घटनाओं की सम्भावना बनी रहती है। इसलिए छत्तरपुर प्रशासन से आग्रह है कि इस पैदल पथ को अतिक्रमण मुक्त बनाया जाए।