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ग्रामीणों ने दस साल बगैर शिक्षक के चलवाया विद्यालय,शिक्षक मिले तो स्कूल को बदनाम करने की हो रही है साजिश- पूर्व मुखिया

       ग्रामीणों ने दस साल बगैर शिक्षक के चलवाया विद्यालय

अब शिक्षक मिले तो स्कूल को बदनाम करने की हो रही है साजिश- पूर्व मुखिया

पलामूः तारा ग्राम के जमीनदार परिवार ने अपनी जमीन देकर शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रहमानिया उवि की शुरुआत की थी। बाद में सरकार से मान्यता मिली। मान्यता मिलने के बाद से विद्यालय में शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की कमी नहीं थी। दस वर्ष से विद्यालय एक शिक्षक पर चलता रहा। तारा व आस पास के पढ़े लिखे युवाओं ने अपना समय देकर विद्यालय के पठन पाठन में गिरावट नहीं आने दी। वह निःस्वार्थ लगे रहे। ग्रामीणों ने भी पूरा सहयोग किया। काफी मांग करने के बाद 2018 के अंत में दस शिक्षक प्लस टू उवि तारा को मिले। इससे पहले एक लिपिक की भी पदस्थापना हुई। विद्यालय में शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की कमी हद तक पूरी हो गई। पूर्व मुखिया अबु नसर सिद्दीकी ने बताया कि उनके पूर्वजों ने भूदान देकर विद्यालय की स्थापना कराया था। आज भी मोहम्मदगंज प्रखंड का एकलौता रहमानिया प्लस टू उवि तारा है। उन्होंने बताया कि जिस लिपिक की वजह से उत्क्रमित मवि मोहम्मदगंज बदनाम हुआ, विभाग ने उसी लिपिक को रहमानिया प्लस टू उवि तारा में भेजकर विद्यालय को बदनाम करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पठन पाठन नियमित होने के साथ साथ परीक्षा भी कदाचार मुक्त ली जाती है। रजिस्ट्रेशन व फार्म भरने के समय ग्रामीण स्वयं निगरानी करते हैं। जिससे लिपिक को विद्यार्थियों से अवैध वसूली करते नहीं बना। उन्होंने षडयंत्र कर हेडमास्टर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगवाने का प्रयास किया। पूर्व मुखिया अबु नसर सिद्दीकी ने कहा कि विभाग उक्त लिपिक को तत्काल रहमानिया प्लस टू उवि तारा से हटाये। अन्यथा ग्रामीण आंदोलन चलाने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा है कि वह इस मामले को लेकर उपायुक्त से मिलेंगे। अगर समाधन नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से मिलकर उन्हें स्थिति से अवगत कराने का काम भी करेंगे। इनके अलावा अन्य ग्रामीणों व विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी विद्यालय पर प्रायोगिक परीक्षा के नाम पर वसूली के आरोप को निराधार व बेबुनियाद बताया है।