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प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे जिले के पांच अधिवक्ता।,गरीब, असहाय को करेंगे कानूनी मदद।

प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे जिले के पांच अधिवक्ता।,गरीब, असहाय को करेंगे कानूनी मदद।

मेदिनीनगर, झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, झालसा रांची के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार रांची द्वारा आयोजित नालसा मॉडल तीन के अनुसार  आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 1 मार्च से 3 मार्च तक बहु देशीय भवन जज कॉलोनी कांके रोड रांची में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची न्याय मंडल के न्याययुक्त  नवनीत कुमार व संचालन रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मोहम्मद फहीम किरमानी ने की ।इस मौके पर 12 जिलों के अधिवक्ता प्रशिक्षण शिविर में भाग लिए। प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाले जिलों  के अधिवक्ता में रांची ,गुमला, लोहरदगा ,सिमडेगा ,खूंटी ,गढ़वा, लातेहार ,पलामू ,हजारीबाग, कोडरमा ,रामगढ़ ,चतरा शामिल हैं। इस मौके पर प्रशिक्षण प्राप्त  अधिवक्ताओ को डालसा रांची के द्वारा प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिया गया। पलामू जिले के के पांच अधिवक्ताओं ने भी प्रशिक्षण शिविर में भाग लेकर कानून की  कई बारीकियों को जाना।  पलामू जिले से प्रशिक्षण पाने वालों अधिवकाओ में सचिंद्र कुमार पांडे , सुनील कुमार मिश्रा संतोष कुमार पांडे ,दीपक कुमार,जितेंद्र कुमार उपाध्याय का नाम शामिल है। विदित हो कि प्रशिक्षण में अधिवक्ताओं को कानून की कई   बारीकियो को बताया गया कि लोगो को  कैसे सुलभ न्याय प्रदान किया जा सके ।साथ ही हिंदू मैरिज एक्ट ,प्रॉपर्टी राइट ,भरण पोषण ,मुस्लिम लॉ ,उपभोक्ता फोरम,एस सी एसटी एक्ट, प्रोफेशनल एथिक्स आदि के बारे में कई विद्वान रिसोर्स पर्सन ने  जानकारियां दी ।प्रशिक्षण प्राप्त कर वापस लौटे पलामू जिले के अधिवक्ताओं ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उन्हें सुलभ ,सरल, त्वरित न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे ।अधिवकाओ ने कहा कि प्रशिक्षण में जो उन्हें बताया गया है उसका वे जनमानस के उपयोग हेतु साझा करेंगे ।कहा कि मुवक्किल को हम उसके अधिकार व न्याय की लड़ाई  अंतिम तक लड़ेंगे।साथ ही नैतिकता की गिरावट को रोकने का काम करेंगे। नैतिकता के गिरावट से ही बहुत सारे कानून का जन्म होता है।