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झारखंड राज्य में तीन सालों के लिए 1350 शराब दुकानों की हुई बंदोबस्ती

झारखंड राज्य में तीन सालों के लिए 1350 शराब दुकानों की हुई बंदोबस्ती

पूरे राज्य में तय 1664 के लक्ष्य के मुकाबले 1350 दुकानों की बंदोबस्ती हुई।

बंदोबस्ती ई-लॉटरी के माध्यम से डीसी के माध्यम से संपन्न हुआ

रांची.   नई उत्पादन नीति के तहत वित्तीय वर्ष 2019-22 तीन वर्ष के लिए मंगलवार को शराब दुकानों की बंदोबस्ती की गई। पूरे राज्य में तय 1664 के लक्ष्य के मुकाबले 1350 दुकानों की बंदोबस्ती हुई। यह बंदोबस्ती ई-लॉटरी के माध्यम से डीसी के माध्यम से संपन्न हुआ। उक्त जानकारी उत्पाद आयुक्त राहुल शर्मा एवं उत्पाद आयुक्त भोर सिंह यादव ने आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान दी।

686 समूहों के आवेदन प्राप्त हुए थे

इन्होंने बताया कि विगत 23 फरवरी से 4 मार्च के बीच शाम पांच बजे तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया था। विभाग द्वारा संपूर्ण राज्य में देशी, विदेशी एवं कंपोजिट शराब की दुकानों के 799 समूह बनाए गए थे। एक समूह में अधिकतम दुकानों की संख्या  तीन थी। राज्य में 565 देशी, 718 विदेशी एवं 381 कंपोजिट शराब दुकानों को 799 दुकानों के समूह में बांटे गए थे। इसमें 686 समूहों के आवेदन प्राप्त हुए थे। जो समूह के कुल संख्या के 86 प्रतिशत के करीब हैं। दुकानों के 686 समूह में 1720 आवेदकों के 5762 आवेदन प्राप्त हुए।

पहचान रखी गई है गुप्त

ई-लॉटरी के माध्यम से खुदरा उत्पाद दुकानों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया संपन्न हुई। ऑनलाइन लॉटरी के पूर्व ई-लॉटरी की प्रक्रिया की जानकारी मॉक इ-लॉटरी टेस्ट डीसी द्वारा जिला के अपर समाहर्ता, उत्पाद पदाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी तथा उपस्थित आवेदकों के समक्ष प्रदर्शित की गई। इसके बाद अंतिम रूप से ई-लॉटरी की कारवाई डीसी द्वारा संपन्न की गई। जो आवेदक सफल हुए, उन्हें एसएमएस तथा ई-मेल के जरिए सूचना दी गई।

 इन्होंने बताया कि ई-लॉटरी में विजेता एक घोषित किया गया है। जबकि विजेता 2 एवं 3 की पहचान गुप्त रखी गई है। विजेता 1 द्वारा 5 दिनों के अंदर सभी कागजातों का सत्यापन तथा सिक्यूरिटी मनी जमा करने के बाद उक्त समूह का जिसमें उनको विजेता 1 घोषित किया गया है, उक्त समूह को बंदोबस्त किया जाएगा। उनके द्वारा अर्हताओं को पूरा नहीं करने की स्थिति में विजेता 2 एवं विजेता 3 से चयनित किया जाएगा।

पांच दिनों के अंदर जमानत राशि जमा करना होगा

उन्होंने बताया कि बंदोबस्त हुए दुकानों से लगभग 1300 करोड़ राजस्व की प्राप्ति होगी। उन्होंने बताया कि ई-लॉटरी में सफल आवेदकों द्वारा पांच दिनों के अंदर जमानत राशि के रूप में कुल वार्षिक न्यूनतम उत्पाद राजस्व का 5 प्रतिशत तथा 15 दिनों के अंदर अग्रिम उत्पाद परिवहन शुल्क के रूप में कुल वार्षिक न्यूनतम उत्पाद राजस्व का 7.5 प्रतिशत राशि जमा करना होगा। राशि प्राप्त होने के बाद लाइसेंस डीसी द्वारा जारी किया जाएगा।