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रांची में होने वाले वनडे मैच के टिकट की कालाबाजारी:

रांची में होने वाले वनडे मैच के टिकट की कालाबाजारी:

रांची :  8 मार्च को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रांची के जेएससीए स्टेडियम में वनडे मैच खेला जायेगा. इसे लेकर टिकट की बिक्री शुरू हुई तो पहले दिन से ही टिकट खिड़की पर क्रिकेट के दिवानों की लंबी कतार नजर आयी. अबतक 24 हजार से ज्यादा  टिकट बेचे जाने का दावा है लेकिन अबतक कतार में लोग इस दावे को  मानने के लिए तैयार नहीं है.  मैच देखने के लिए झारखंड के अलग - अलग शहर से लोग टिकट के लिए कतार में खड़े हैं. टिकट के लिए कतार में लोग सुबह 3.30 बजे से लग जाते हैं. आज भी लोग खड़े रहे लेकिन  कई लोग टिकट लेने में सफल नहीं रहे. 

टिकट खिड़की के बाहर आसानी से ब्लैक में टिकट खरीदे जा सकते हैं लेकिन टिकट की कीमत दोगुणी से ज्यादा है. 900 रुपये की टिकट की कीमत 2000 से ज्यादा है. इसी तरह अलग- अलग टिकट की कीमत मूल कीमत से ज्यादा है. टिकट की खिड़की पर मौजूद लोगों से जब बातचीत की,  क्रिकेट प्रेमी  निराश हैं और ज्यादातर लोग रांची के बाहर से टिकट लेने पहुंचे हैं. आज भी हजारीबाग, लोहरदगा समेत कई जगहों से लोग टिकट लेने पहुंचे थे.  टिकट विंडो थोड़ी देर के लिए खुला सुबह से  कतार में खड़े कुछ लोगों को टिकट मिला फिर यह कहकर विंडो बंद कर दिया गया कि अब टिकट खत्म हो गया.  *टिकट विंडों के बाहर दलाल सक्रिय हैं.*  अगर आप निराश खड़े नजर आयेंगे,  तो  वही आपसे आकर पूछेंगे ब्लैक में मिल रहा है टिकट खरीदेंगे ? ब्लैक में बिक रहे टिकट की कोई कीमत तय नहीं है. यह आपके मोलभाव करने की क्षमता पर निर्भर करता है. 

कतार में खड़े ज्यादातर युवा सवाल करते हैं ?  टिकट ऑनलाइन क्यों नहीं बेचे जाते ?  एक युवा ने हमसे बातीचत में कहा, हम यह समझ नहीं पाते कि टिकट ऑनलाइन क्यों नहीं मिलता. अगर ऑनलाइन बेचा जाए तो लोग आसानी से अपने शहर में लोग टिकट खरीद सकेंगे. ज्यादातर युवाओं ने यह आरोप लगाया कि टिकट की ऑनलाइन बिक्री इसलिए नहीं होती क्योंकि अधिकारी भी ब्लैक में टिकट बेचने के मुनाफे का लालच छौड़ नहीं पाते. 

लाइन में खड़े होकर टिकट लाने की कीमत छह सौ रूपये

स्टेडियम के अंदर मैच का आनंद लेने के लिए घंटों कतार में खड़ा होना पड़ता है.  ऐसे में ज्यादातर लोग इंतजार करने से बेहतर ज्यादा पैसे देकर टिकट पाना आसान समझते हैं. स्टेडियम के आसपास रह रहे लोग पैसे लेकर  टिकट के लिए कतार में खड़े होते हैं. इनमें ज्यादातर वैसे लोग है, जो मजदूरी करके अपना परिवार चलाते हैं. एक दिन की मजदूरी से ज्यादा उन्हें कतार में खड़े रहकर मिलता है.  यहां सुरक्षा में खड़े पुलिस जवान ने एक घटना का जिक्र किया. मैंने उनसे आग्रह किया कि क्या आप इसे वीडियो में बता सकेंगे. उन्होंने वीडियो में यानि आधिकारिक तौर पर बात करने से इनकार कर दिया लेकिन उन्होंने  एक कहानी बतायी.  टिकट के लिए एक व्यक्ति ने यहां रहने वाले एक व्यक्ति को 15 हजार रूपये दिये.  वह पैसे लेकर चंपत हो गया. सज्जन पुलिस के पास पहुंचे, पूरी कहानी बतायी. टिकट खरीदने के पैसे देने से पहले उन्होंने उसकी तस्वीर मोबाइल में खींच ली थी. तस्वीर की मदद से उस व्यक्ति को ढुढ़ा गया और पैसे वापस मिले.  

आज थोड़ी देर के लिए सिर्फ एक विंडो खुला कतार में खड़े लोग यह बताते हैं कि सिर्फ 10 मिनट के लिए विंडो  खुला कुछ टिकट मिले और टिकट की बिक्री यह कहकर बंद कर दी गयी कि टिकट अब खत्म हो गया. आज का आकड़ा अबतक आधिकारिक तौर पर नहीं आया है कि कितने टिकट बिके लेकिन पिछले दो दिनों में  कुल 23837 टिकटों की ब्रिकी की सूचना है. जेएससीए की ओर से जारी बयान के अनुसार दूसरे दिन सोमवार को कुल 14272 टिकट बिके. इनमें उच्च श्रेणी के सभी टिकट समाप्त हो गये. यह कहा गया था कि  तीसरे दिन मंगलवार को  भी टिकटों की ब्रिकी सुबह नौ बजे से पांच बजे तक की जायेगी लेकिन घंटों इंतजार के बाद लोगों को टिकट नहीं मिला.