पलामू के युवाओं के प्रेरणा श्रोत हैं डा. रामप्रवेश सिंहः पूर्व प्राचार्य , पैतृक गांव में मनी शिक्षा विद डा. राम प्रवेश सिंह की पुण्य तिथि


पलामूः-हैदरनगर के चेचरिया गांव निासी रांची विश्वविद्यालय के भूगर्भ विज्ञान के प्रोफेसर स्व. डा. रामप्रवेश सिंह की दूसरी जयंती उमवि चेचरिया के प्रांगण में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जीएलए कालेज डालटंनगंज के पूर्व प्राचार्य अवध किशोर सिंह ने की। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रुप में भाजपा के वरिष्ठ नेता ललन कुमार सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष रामेश्वर राम, एके सिंह डिग्री कॉलेज जपला के प्राचार्य अशोक कुमार सिंह,बीइइओ रामनरेश राम उपस्थित थे। सर्व प्रथम स्व. डा. रामप्रवेश सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस मौके पर जीएलए कॉलेज डालटनगंज के पूर्व प्राचार्य अवध किशोर सिंह ने कहा कि स्व. डा. रामप्रवेश सिंह षुरु से मेधावी विद्यार्थी रहे। उन्होंने 1964 में एमएससी भू गर्भ विज्ञान में प्रथम श्रेणी प्राप्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया था। उन्होंने कहा कि 1965 में उन्हें रांची विश्व विद्यालय रांची में व्याख्याता के रुप में नियुक्त किया गया। वह लगातार अपने क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करते रहे। उन्हें देश के विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालय में समय समय पर व्याख्यान के लिए बुलाया जाता था। उन्होंने कहा कि पलामू में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वह हमेशा तत्पर रहते थे। एकिकृत बिहार में उन्होंने रांची विश्वविद्यालय में पलामू का परचम लहराया है। जिसे कभी भूला नहीं जा सकता। ललन कुमार सिंह ने कहा कि हुसैनाबाद, हैदरनगर समेत संपूर्ण पलामू के विद्यार्थियों को रांची में एक मार्गदर्शक के रुप में डा-रामप्रवेश सिंह ने भूमिका निभाई। उन्हें कभी भूला नहीं जा सकता है। एके सिंह डिग्री कॉलेज के प्राचार्य अशोक कुमार सिंह ने कहा कि गांव अपने क्षेत्र में शिक्षा के प्रति लोगों को जागरुक करने का काम रामप्रवेश बाबू ने किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। बीइइओ रामनरेश राम ने कहा कि रामप्रवेश बाबू शरल स्वभाव के साथ साथ पलामू के लिए प्रेरणा श्रोत हैं। उन्होंने कहा कि जिस समय शिक्षा के प्रति लोगों में जागरुकता नहीं थी। उस वक्त इस छोटे से गांव से निकल कर रांची में अपना सिक्का जमाया। हुसैनाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष रामेश्वर राम उर्फ छठन जी ने कहा कि डा. रामप्रवेश सिंह व्यक्ति नहीं विचार थे। उन्होंने शिक्षा के प्रति जागरुकता लाने का काम किया। उसे भूला नहीं जा सकता है। मुखिया नागेंद्र मेहता ने कहा कि रामप्रवेश बाबू जैसे शिक्षा विद उनके गांव पंचायत में हुए, इससे अधिक गौरव क्या होगा। उन्होंने कहा कि रामप्रवेश बाबू सभी जाति धर्म के लोगों को समान नजर से देखते थे। उनकी जितनी बडाई की जाये कम होगी। पंसस रामप्रवेष सिंह ने कहा कि स्व. रामप्रवेष बाबू क्षेत्र जिला में षिक्षा के एक स्तंभ थे। उनके आदर्शो पर चलकर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजली दी जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने विद्यालय के सैकड़ों बच्चों के बीच, कॉपी, कलम, पेंसिल आदि का वितरण किया।मौके पर स्व. डा.रामप्रवेश सिंह के पुत्र रविंद्र कुमार सिंह कस्टम उपायुक्त भारत सरकार, प्रो. राजेश कुमार सिंह, प्रो. योगेंद्र कुमार सिंह, प्रो. अशोक कुमार सिंह, सेवानिवृत शिक्षक नागेंद्र सिंह, कपिलदेव सिंह के अलावा सीताराम सिंह, पंकज सिंह के आदि कई लोग उपस्थित थे।