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लोकसभा चुनाव को लेकर एईओ, वीडियो सर्विलांस टीम, वीडियो वीविंग टीम, फ्लाइंग स्क्वायड, स्टैेटिक सर्विलांस टीम, कॉल सेंटर के पदाधिकारी और कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

लोकसभा चुनाव को लेकर एईओ, वीडियो सर्विलांस टीम, वीडियो वीविंग टीम, फ्लाइंग स्क्वायड, स्टैेटिक सर्विलांस टीम, कॉल सेंटर के पदाधिकारी और कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि के निर्देश पर समाहरणालय में लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में एईओ, वीडियो सर्विलांस टीम, वीडियो वीविंग टीम, फ्लाइंग स्क्वायड, स्टैेटिक सर्विलांस टीम, कॉल सेंटर के पदाधिकारी और कर्मी भाग लिए। इस प्रशिक्षण में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (डीडीसी) बिंदु माधव प्रसाद सिंह, उप निर्वाचन पदाधिकारी शैलेश कुमार, सेल टैक्स के डीसी राजेश कुमार, एक्साइज सुपरिटेंडेंट संजय श्रीवास्तव आदि ने प्रशिक्षण दिया।  प्रशिक्षण में शामिल पदाधिकारियों को आयोग के निर्देश से अवगत कराते हुए उनके कार्य और दायित्वों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 77 (1) के तहत चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक प्रत्याशी द्वारा स्वयं अपने निर्वाचन अभिकर्ता के माध्यम से वह तारीख जिसको उसके द्वारा नाम निर्देशन पत्र दाखिल किया जाता है, उस दिन से निर्वाचन परिणाम के दिन के बीच हुए सभी व्यय का ब्यौरा रखा जाना है, जो आरपी एक्ट 1951 की धारा 77(3) तथा निर्वाचन के संचालन नियम 1961 के नियम 60 के द्वारा अधिसीमा के अंदर होना अनिवार्य है। सभी दलों के पदाधिकारी कर्मी द्वारा निर्वाचन आयोग के आदेशों का पालन निष्पक्ष ढंग से करना है। 

एईओ को बताया गया कि वे लेखा पंजी में सभी सही बात परिलक्षित होनी चाहिए। यदि किसी अभ्यर्थी के निर्वाचन अपराध के मामले प्रकाश में आते हैं तो उड़न दस्ता दल को प्रतिनिधित्व करते हुए शीघ्र व्यय लेखा परीक्षक की जानकारी में लाना होगा, ताकि फ्लाइंग स्क्वायड टीम शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित कर सके। फ्लाइंग स्क्वायड टीम द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे लेखा परीक्षक की जानकारी में इसे लाना अनिवार्य है। दिन/ प्रतिदिन के क्रियाकलाप के संबंध में प्रपत्र अनुसूचित में प्रेक्षक के निर्वाचन क्षेत्र में पहुंचने पर देना एवं उसके बाद आरोपी क्रियाकलाप से अवगत कराना होगा। यदि किसी साक्ष्य को छुपाया या दबाया जा रहा है, तो उसे व्यय लेखा परीक्षक के संज्ञान में उनके द्वारा व्यय लेखा पंजी के साथ लाना जरूरी है। वीडियो वीविंग टीम को प्रशिक्षण में बताया गया कि वीडियो सर्विलांस टीम द्वारा रिकॉर्ड किए गए सीडी, डीवीडी को एडिटिंग के लिए कहीं बाहर एजेंसी को नहीं देना है, ताकि उसमें कोई छेड़छाड़ किया जा सके। प्राप्त सीडी को प्रतिदिन देखना तथा व्यय एवं आचार संहिता के उल्लंघन आदि के मामलों को अकाउंटिंग टीम तथा असिस्टेंट ऑब्जर्वर को उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण में अन्य बिंदुओं के बारे में भी जानकारी दी गई, जो आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले और वैसे संबंधित जानकारी दी गई, ताकि लोकसभा चुनाव में निष्पक्षता के साथ चुनाव संपन्न कराया जा सके।