भवनाथपुर के भीष्म पितामह की प्रतिज्ञा का दिख रहा असर सदन से सड़क से न्यायालय तक संघर्ष के 48 वर्षो बाद धरातल पर उतरेगा कनहर जलाशय योजना



राकेश पांडेय.

केन्द्रीय जल आयोग के अभियंताओ के दल ने कार्य स्थल के निरीक्षण के बाद दिया संकेत 



 85 वर्षीय पूर्व मंत्री  लाल हेमेन्द्र प्रताप देहाती का सपना होगा साकार  सूखा प्रभावित पलामू और गढ़वा की खेतो में आयेगी कनहर नदी के पानी से हरियाली  



सेंट्रल वाटर कमीशन के मुख्य अभियंता  सी के एल दास एवं प्रोजेक्ट मैनेजर बिधान चंद्र झा चिनिया प्रखंड अंतर्गत कनहर नदी पर भौतिक सत्यापन हेतु एवं स्थल निरीक्षण करने पहुंचे। 




जिसका प्रतिफल है कि 1975 से लंबित इस योजना हेतु  केंद्र से आई हुई टीम अपने टेक्नो इकोनॉमिक मीटिंग में रिपोर्ट  प्रस्तुत करेगी ।उसके बाद इस रिपोर्ट को केंद्र एवं राज्य सरकार के कैबिनेट में प्रस्तावित करने हेतु भेजी जाएगी। तत्पश्चात इस परियोजना हेतु राशि आवंटित की  जाएगी। लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले इस बराज से पलामू एवं गढ़वा के 53283 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो पाएगी ।इस परियोजना से मेराल प्रखंड के 12753 हेक्टेयर ,रमना प्रखंड के 5592 हेक्टेयर, डंडई प्रखंड के 4970 हेक्टेयर ,नगर उंटारी के 4342 हेक्टेयर, विशुनपुरा के 3416 हेक्टेयर ,कांडी के 2865 हेक्टेयर, मझिआंव के 1810 हेक्टेयर ,केतार के 3742 हेक्टेयर भवनाथपुर के 3544 हेक्टेयर एवं चैनपुर के 1165 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी ।वही बनने वाले बराज की लंबाई कुल 224 फ़ीट एवं ऊंचाई 12.5 मीटर होगी जिसमें लगभग 3 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी का जमाव संभव होगा ।   



भवनाथपुर की राजनीति के भीष्म 'लाल हेमेन्द्र प्रताप देहाती' की भीष्म प्रतिज्ञा का ही असर है कि कनहर नदी का पानी गढ़वा जिले के खेतों तक पहुँचने की संभावना दिखाई दे रही है। गत पांच दशक से लाल हेमेन्द्र प्रताप देहाती कनहर परियोजना को धरातल पर उतारने को लेकर संघर्षरत हैं। देहाती जी जब वर्ष 1969 में भवनाथपुर के विधायक चुन कर बिहार विधान सभा पहुँचे थे तो  31 जून 1970 को विहार विधान सभा अध्यक्ष के कार्यालय के सामने  कधवन कुटकु बटाने उतरकोयल मोहमदगंज कनहर जलाशय बनाने की मांग को लेकर आमरण अनशन किये थे ।बिहार के तत्कालीन मुख्य मंत्री दरोगा प्रसाद राय ने देहाती जी को लिखित आश्वासन दिया था कि आपका मांग जायज है  इसके लिए आज ही हम सदन की एक कमिटी बना देते है कमिटी जाँच कर रिपोर्ट देगी और हम तत्काल आवश्यक करवाई करेंगे  ।विहार विधान सभा का सत्र चल रहा था उसी दिन 31 जून 1970 को मुख्य मंत्री ने विहार विधान सभा के सदस्यों की एक कमिटी हुसैनावाद पलामू के विधायक भीष्म नारायनयन सिह की अध्यक्षता में बनाई गई जिसमें पाकी के विधायक जगनारायण पाठक छतरपुर के विधायक मालदेव राम बरवाडीह के विधायक यमुना सिंह गढ़वा के  विधायक गोपी नाथ सिंह ओबरा के विधायक रामविलाश सिंह यादव गोह  के विधायक डी के शर्मा रोहतास के बद्री सिंह को सदस्य चुना गया था ।इस कमिटी में एक मुख्य अभियंता को भी सहयोगी के रूप में रखा गया था उनका नाम था बसावन सिंह  विहार विधान सभा के कमिटी ने राज्य सरकार को समय पर अपना रिपोर्ट जमा कर दिया ।जिसके बाद मोहमदगंज ,कुटकु ,बटाने , मंडल पर कार्य शुरू हो गया कई जलाशय चालू हालत में हैं लेकिन कधवन जहाँ के लाल हेमेन्द्र प्रताप देहाती निवासी है और कनहर जलाशय का काम कागज में ही सिमट कर रह गया ।



1969 में लाल हेमेन्द्र प्रताप देहाती  भवनाथपुर के विधायक निर्वाचित हुए थे, तब बिहार में विधानसभा में कनहर का पानी गढ़वा जिले के खेतों तक पंहुचाने की भीष्म प्रतिज्ञा की थी। इसके लिए उन्होंने उस दौरान बिहार विधानसभा में कई दिनों तक अनशन किया था। विधानसभा में तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा बिजली पंखा बंद कर उन्हें अनशन से विचलित करने का प्रयास किया गया था लेकिन देहाती जी कदापि विचलित नहीं हुए। सरकार की ओर मुख्य मंत्री दरोगा प्रसाद राय से अनुकूल आश्वासन मिलने और कनहर डैम निर्माण की सम्भावनाओं की तलाश के लिए विहार विधान सभा का कमिटी  गठित किये जाने के बाद ही अनशन तोड़ा था।  हालांकि  उन्होंने कनहर मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखा। कनहर डैम/बराज निर्माण को लेकर देहाती जी के संघर्ष की लंबी गाथा है जिसे कम शब्दों में समेटना किसी भी लेखक के वश की बात नहीं है। यहां उनके संघर्ष का स्मरण जरूरी है। जिसने बिना किसी निजी स्वार्थ के अकाल और दुर्भिक्ष से काल कवलित हो चुके गढ़वा जिले के असंख्य किसानों की तप्त चिता भस्म को शांत करने के लिए कनहर नदी के जल को गढ़वा जिले के खेतों तक पंहुचाने को लेकर भगीरथ तप किया है। सड़क सदन  से लेकर झारखण्ड उच्य न्यायालय राँची  तक के लगातार चक्कर काटे हैं।  देहाती जी राज्य एवम केंद्र सरकार द्वारा निर्णय नही लिए जाने के कारण लम्बे समय तक परेशान होकर झारखण्ड उच्य न्यायालय में PIL दायर किये जहाँ झारखण्ड उच्य न्यायालय में माननीय न्यायाधीश नरेंद्र नाथ तिवारी जो खुद भी गढ़वा जिला के मूल निवासी है ने कनहर जलाशय के लिए उच्य न्यायालय की एक उच्च स्तरीय कमिटी का  गठन किये कमिटी को हर महीने माननीय उच्य न्यायालय राँची को करवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया जिसके बाद कनहर जलाशय बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ  । 


देहाती जी के प्रयास से 1975 से अब तक अनेक बार कनहर जलाशय का DPR बनाया गया लेकिन सब फाइलों में धूल चाट रही है । 


भवनाथपुर के मतदाताओं ने जलसंसाधन मंत्री भी बनाया लेकिन कनहर नही बन पाया ।


 देहाती जी वाकई भवनाथपुर के भीष्म हैं। जब कोई भीष्म चाहे वह किसी युग या काल में प्रतिज्ञा की हो उसकी प्रतिज्ञा अवश्य पूरी हुई है। यहां देहाती जी की भीष्म प्रतिज्ञा भागीरथी प्रयास सफल होनेवाली है।