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राजद में इस्तीफे का दौर जारी,चतरा लोकसभा क्षेत्र से राजद की राह नहीं होगी आसान

राजद में इस्तीफे का दौर जारी
चतरा लोकसभा क्षेत्र से राजद की राह नहीं होगी आसान

चतरा से चंद्रेश शर्मा की रिपोर्ट.                             चतरा, झारखंड राजद के लिए चतरा और पलामू सीट जीतना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। पार्टी में व्याप्त अंतर्कलह कारण लगातार इस्तीफ़ा का दौर जारी है। चतरा लोकसभा क्षेत्र के पलामू और लातेहार के बाद चतरा जिला के उपाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार केसरी ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है। इसके पूर्व चतरा विधानसभा के कद्दावर नेता तथा पूर्व विधायक जनार्दन पासवान ने इस्तीफा दिया था।आपको बता दें कि झारखंड में इससे पहले किसी भी राजनीतिक दल में अबतक इतनी तेजी से विखराव की नौबत नहीं आयी थी। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पार्टी खड़ा करने में जितनी मेहनत की । उसे चतरा से राजद प्रत्याशी सुभाष यादव ने एक झटके में ही तार तार कर दिया। राजद से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पार्टी में बिखराव का मूल कारण कुछ नेताओं की तानाशाही रही। राजद के चतरा से प्रत्याशी उतारने की वजह से महागठबंधन में भी दरार उत्पन्न हो गयी है। महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्षा आभा ओझा आरोप लगाती है कि राजद ने महागठबंधन धर्म को दरकिनार करते हुए चतरा सीट पर प्रत्याशी देकर दूसरी गलती कर दी। आभा ओझा का आरोप है कि झारखंड में राजद के लालटेन की लौ बुझ चुकी हैं। इनकी पार्टी का कोई जनाधार नहीं बचा है। इस परिस्थिति में चतरा से प्रत्याशी उतारना कहीं से न्यायसंगत नहीं है। उनका आरोप है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को गुमराह करके टिकट हासिल की गई है। चतरा सीट महागठबंधन में कांग्रेस को मिली है और रहेगी भी। महागठबंधन और राजद का यह विवाद कब सुलझता है,यह तो समय के गर्त में है। परन्तु इस विखराव से भाजपा को फायदा होता जरूर दिख रहा है।